रायपुर में महिला तस्कर और ट्रक चालक को 5-5 साल की सजा
राजधानी रायपुर में हेरोइन की अवैध तस्करी और बिक्री के एक संगठित नेटवर्क पर विशेष अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी पाए गए एक महिला तस्कर और उसके सप्लायर को पांच-पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। अदालत ने दोनों पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
रायपुर। गुढ़ियारी थाना क्षेत्र में सक्रिय हेरोइन तस्करी के एक मामले में रायपुर की विशेष एनडीपीएस अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने शादिका बेगम और कश्मीर सिंह उर्फ सीरा को मादक पदार्थों की तस्करी और आपसी साजिश का दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कॉलेजों और निजी कंपनियों में काम करने वाले युवाओं को अपना मुख्य निशाना बनाते थे। कश्मीर सिंह उर्फ सीरा बाहरी राज्यों से ट्रक के जरिए हेरोइन की सप्लाई करता था, जबकि शादिका बेगम शहर के भीतर ग्राहकों तक नशा पहुंचाने का काम करती थी।
मुखबिर की सूचना से हुआ खुलासा
विशेष लोक अभियोजक भुवनलाल साहू के अनुसार, 25 जनवरी 2025 को गुढ़ियारी थाना में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक को सूचना मिली थी कि बड़ा अशोक नगर इलाके में एक महिला अपने घर से हेरोइन की बिक्री कर रही है। सूचना की पुष्टि के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए टीम ने गवाहों की मौजूदगी में दबिश की।
घर से हेरोइन और नकदी बरामद
पुलिस ने शादिका बेगम के मकान की तलाशी ली, जहां से 31.12 ग्राम हेरोइन, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, मोबाइल फोन और बिक्री की रकम 25 हजार 500 रुपए नकद बरामद किए गए। पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि वह यह मादक पदार्थ कश्मीर सिंह से लेकर आगे बेचती थी।
ट्रक में छिपकर करता था सप्लाई
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि सहआरोपी कश्मीर सिंह रिंग रोड नंबर-2 पर एक ट्रक में छिपा हुआ है। घेराबंदी कर ट्रक को रोका गया। तलाशी के दौरान ट्रक में रखे बॉक्स से 22.19 ग्राम हेरोइन, 35 हजार 500 रुपए नकद और मोबाइल फोन बरामद किया गया।
एफएसएल जांच में हेरोइन की पुष्टि
मौके पर एफएसएल किट से जांच में बरामद पदार्थ हेरोइन पाया गया। इसके बाद न्यायिक प्रक्रिया के तहत सैंपल एफएसएल रायपुर भेजे गए, जहां रासायनिक परीक्षण में भी हेरोइन की पुष्टि हुई।
अदालत की टिप्पणी
मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश किरण थवाईत ने कहा कि नशीले पदार्थों का कारोबार समाज, युवाओं और राष्ट्र के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे अपराधों में नरमी बरतना न्याय के उद्देश्यों के विपरीत होगा।
सजा और जुर्माना
अदालत ने दोनों आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(बी) और 29 के तहत प्रत्येक धारा में पांच-पांच साल के सश्रम कारावास और 50-50 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पुलिस का दावा
पुलिस अधिकारियों ने इस कार्रवाई को नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि राजधानी में ड्रग सप्लाई चेन तोड़ने के लिए आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा।