56 नई आवासीय योजनाओं को अभूतपूर्व प्रतिसाद, 1477 मकानों के लिए मिले 3500 से अधिक ऑफर
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की नई आवासीय योजनाओं ने लॉन्च होते ही बाजार में जबरदस्त भरोसा कायम किया है। राज्यभर में शुरू की गई 56 परियोजनाओं को आम नागरिकों से ऐतिहासिक प्रतिसाद मिला है, जहां उपलब्ध आवासों से दोगुने से अधिक ऑफर प्राप्त हुए हैं। लॉन्च के महज 15 दिनों के भीतर ही 23 परियोजनाएं निर्धारित बुकिंग मानकों पर खरी उतर चुकी हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा हाल ही में प्रदेश के 26 जिलों में शुरू की गई नई आवासीय परियोजनाओं ने रिकॉर्ड बुकिंग के साथ नई मिसाल कायम की है। कुल 1477 आवासों के विरुद्ध लगभग 3500 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनका अनुमानित मूल्य लगभग 305 करोड़ रुपये आँका गया है। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि राज्य सरकार की आवास नीति और हाउसिंग बोर्ड की योजनाओं पर आमजन का विश्वास लगातार मजबूत हुआ है।
हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के करकमलों से 2060 करोड़ रुपये की लागत वाली 56 आवासीय परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया था। इस अवसर पर आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित अनेक मंत्री एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
उन्होंने बताया कि मंडल की नीति के अनुसार किसी परियोजना में तीन माह के भीतर न्यूनतम 10 प्रतिशत निरंतर बुकिंग अथवा 60 प्रतिशत एकमुश्त बुकिंग मिलने पर ही निविदा प्रक्रिया शुरू की जाती है। आम नागरिकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया का परिणाम यह है कि लॉन्चिंग के केवल 15 दिनों में ही 15 जिलों की 23 परियोजनाएं तय मानकों को पूरा कर चुकी हैं, जिनमें नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
इन परियोजनाओं में रायपुर, नवा रायपुर, दुर्ग, महासमुंद, खैरागढ़, कवर्धा, बेमेतरा, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, कांकेर, भानुप्रतापपुर, बिलासपुर, रायगढ़, सारंगढ़, अंबिकापुर और सूरजपुर जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं। इन योजनाओं के अंतर्गत कुल 2526 आवासीय भवनों का निर्माण प्रस्तावित है, जिनकी अनुमानित टेंडर लागत 406.81 करोड़ रुपये है।
हाउसिंग बोर्ड के आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने समय-सीमा समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लॉन्च की जा चुकी परियोजनाओं की निविदा प्रक्रिया 31 दिसंबर 2025 से पहले अनिवार्य रूप से पूर्ण की जाए। उन्होंने गुणवत्ता, समयबद्ध क्रियान्वयन और निर्माण पूर्ण होते ही हितग्राहियों को शीघ्र आधिपत्य सौंपने पर विशेष जोर दिया।
सामाजिक दायित्वों के निर्वहन की कड़ी में हाउसिंग बोर्ड द्वारा दिवंगत कर्मचारियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति भी प्रदान की गई। इस अवसर पर स्वर्गीय परमानंद साहू के पुत्र पंकज साहू एवं स्वर्गीय संतोष सागर की पुत्री पूजा सोनी को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। उल्लेखनीय है कि बीते एक वर्ष में 10 दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति दी जा चुकी है।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड को मिल रहा अभूतपूर्व जनविश्वास राज्य सरकार की पारदर्शी नीतियों और प्रभावी कार्यप्रणाली का प्रमाण है। उन्होंने 15 दिनों में 23 परियोजनाओं में पर्याप्त बुकिंग को बड़ी उपलब्धि बताते हुए मंडल के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी।