तड़के सुबह 5 बजे से भीषण मुठभेड़ जारी, DRG के जांबाज जवानों ने चारों तरफ से घेरा, अब तक 14 माओवादियों के शव बरामद
दक्षिण बस्तर (ए)। : छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर और सुकमा जिले के सीमावर्ती दक्षिण बस्तर क्षेत्र से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। सुरक्षाबलों ने माओवादियों के खिलाफ एक निर्णायक और ऐतिहासिक अभियान छेड़ दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दक्षिण बस्तर के जंगलों में सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था, जो अब एक भीषण मुठभेड़ में बदल चुका है। इस बड़ी कार्रवाई में अब तक 14 माओवादियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।
DRG और माओवादियों के बीच तड़के सुबह से जंग
आज सुबह करीब 05:00 बजे से दक्षिण बस्तर के घने और दुर्गम जंगलों में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई। डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) की टीम जब सर्च ऑपरेशन पर निकली थी, तभी घात लगाए माओवादियों ने उन पर हमला कर दिया। जांबाज जवानों ने भी तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। दोनों तरफ से रुक-रुक कर गोलीबारी अब भी जारी है। सर्च के दौरान मुठभेड़ स्थल से अब तक 14 माओवादियों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनसे भारी मात्रा में हथियार मिलने की भी संभावना है।

संवेदनशील इलाके में ऑपरेशन: जवानों की सुरक्षा सर्वोपरि
चूंकि यह ऑपरेशन अभी भी निर्णायक मोड़ पर है, इसलिए जवानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुठभेड़ के सटीक स्थान और ऑपरेशन में शामिल सुरक्षाबलों की कुल संख्या जैसी संवेदनशील जानकारी को फिलहाल गोपनीय रखा गया है। बस्तर पुलिस के आला अधिकारी लगातार ग्राउंड जीरो की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का मानना है कि इलाके की घेराबंदी सख्त है और मारे गए माओवादियों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।
नक्सलवाद के खात्मे की ओर बड़ा कदम
यह कार्रवाई बस्तर अंचल में माओवादियों के खिलाफ सुरक्षाबलों की अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक मानी जा रही है। दक्षिण बस्तर के अभेद्य माने जाने वाले इलाकों में घुसकर जवानों ने माओवादी कैडर को भारी नुकसान पहुंचाया है। पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, ऑपरेशन पूरी तरह समाप्त होने के बाद ही मारे गए नक्सलियों की शिनाख्त और बरामद हथियारों की विस्तृत सूची साझा की जाएगी। पूरा क्षेत्र इस समय छावनी में तब्दील हो चुका है।