बजट 2026 से पहले बाजार में डर का माहौल: IT शेयरों ने संभाला मोर्चा, लेकिन ऑटो और बैंकिंग के बोझ से दबा सेंसेक्स; जानें आज किन स्टॉक्स ने डुबोया पैसा
मुंबई (ए) : भारतीय शेयर बाजार के लिए बुधवार का दिन उतार-चढ़ाव और निराशा भरा रहा। सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन घरेलू बाजार में गिरावट का सिलसिला लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों और अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाए जाने की आशंका के बीच निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर जमकर मुनाफावसूली की। क्लोजिंग बेल बजने तक सेंसेक्स 102.20 अंक (0.12%) गिरकर 84,961.14 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स भी 37.95 अंक (0.14%) की कमजोरी के साथ 26,140.75 के स्तर पर सिमट गया। हालांकि, लार्जकैप के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में आज खरीदारी देखने को मिली।
IT और ज्वेलरी शेयरों ने दी राहत, ऑटो सेक्टर हुआ ‘धड़ाम’
बाजार में आज चौतरफा गिरावट के बीच आईटी (IT) सेक्टर एक चमकदार बिंदु बनकर उभरा। टाटा एल्सकी, केपीआईटी टेक्नोलॉजीज और टाटा टेक्नोलॉजीज जैसे शेयरों में 5% से 9% तक की शानदार बढ़त देखी गई, जिससे निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.87% ऊपर रहा। इसके अलावा, तीसरी तिमाही के बिजनेस अपडेट आने के बाद टाइटन, कल्याण ज्वेलर्स और सेनको गोल्ड जैसे ज्वेलरी स्टॉक्स में भी निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया। दूसरी ओर, ऑटो सेक्टर आज सबसे बड़ा लूजर रहा। मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और एमएंडएम जैसे दिग्गजों में बिकवाली के कारण निफ्टी ऑटो इंडेक्स 0.80% तक टूट गया।
दिग्गज शेयरों में मची भगदड़, रिलायंस और एचडीएफसी बैंक ने बढ़ाया दबाव
आज के कारोबार में बाजार के ‘हैवीवेट’ स्टॉक्स ने इंडेक्स को नीचे खींचने का काम किया। रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई और मारुति सुजुकी जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी ने बाजार की रिकवरी पर ब्रेक लगा दिया। विशेष रूप से फार्मा सेक्टर की कंपनी सिप्ला (Cipla) में आज 4% से ज्यादा की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जो निफ्टी का टॉप लूजर रहा। बैंकिंग सेक्टर में इंडसइंड बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक भी लाल निशान में रहे। निवेशकों के बीच आगामी केंद्रीय बजट 2026 और अमेरिका के रोजगार आंकड़ों को लेकर सावधानी देखी जा रही है, जिससे बाजार एक सीमित दायरे में फंसा हुआ है।
मिडकैप में तेजी और विदेशी निवेशकों (FIIs) का रुख
भले ही प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए हों, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स आज क्रमश: 0.45% और 0.40% की मजबूती के साथ बंद होने में सफल रहे। यह दर्शाता है कि छोटे और मझोले शेयरों में अभी भी खरीदारी की दिलचस्पी बनी हुई है। संस्थागत आंकड़ों की बात करें तो, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FIIs) की ओर से बिकवाली का दबाव कम नहीं हो रहा है, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) बाजार को सहारा देने की कोशिश कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक निफ्टी 26,300 के स्तर के ऊपर नहीं टिकता, तब तक बाजार में इसी तरह का दबाव बना रह सकता है।