BSNL के ₹1500 करोड़ के ऑर्डर में देरी और ₹196 करोड़ के भारी घाटे ने बाजार में मचाया कोहराम; निवेशकों की खून-पसीने की कमाई पर चली मंदी की कैंची
मुंबई (ए) : टाटा ग्रुप की दिग्गज कंपनी तेजस नेटवर्क के लिए आज का दिन ब्लैक मंडे साबित हुआ है। जैसे ही बाजार खुला, कंपनी के शेयरों में सुनामी जैसी बिकवाली देखने को मिली और भाव 7.81 प्रतिशत की भीषण गिरावट के साथ ₹384.15 के 52-वीक लो पर जा गिरा। कुछ ही घंटों के भीतर शेयर ने ₹365 के स्तर को छू लिया, जिससे उन निवेशकों में भगदड़ मच गई जिन्होंने इसे ₹1450 के ऊपरी स्तरों पर खरीदा था। बाजार के गलियारों में इस वक्त सिर्फ तेजस नेटवर्क के क्रैश की चर्चा हो रही है क्योंकि टाटा जैसे भरोसेमंद ग्रुप की कंपनी का इस तरह टूटना सबको हैरान कर रहा है।
वित्तीय सेहत बिगड़ी और मुनाफे की जगह हुआ भारी नुकसान
इस शेयर के धड़ाम होने की सबसे बड़ी और ठोस वजह कंपनी के चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के बेहद डराने वाले नतीजे हैं। कंपनी ने बाजार को सूचित किया है कि उसे इस तिमाही में ₹196.55 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस हुआ है। यह खबर इसलिए ज्यादा चौंकाने वाली है क्योंकि पिछले साल इसी दौरान कंपनी ₹165.67 करोड़ के बड़े मुनाफे में बैठी थी। मुनाफे की कंपनी का अचानक इतने बड़े घाटे में चले जाना निवेशकों को रास नहीं आया और उन्होंने तुरंत शेयर से दूरी बनाना शुरू कर दिया।
सरकारी ऑर्डर की सुस्ती ने कंपनी की कमर तोड़ी
तेजस नेटवर्क की इस बदहाली के पीछे सरकारी टेलीकॉम ऑपरेटर BSNL के अटके हुए ऑर्डर्स का सबसे बड़ा हाथ है। कंपनी BSNL के 4G नेटवर्क के लिए सबसे बड़ी वेंडर है और उसे 18,000 साइटों के लिए करीब ₹1,526 करोड़ के उपकरणों की सप्लाई करनी थी। एडवांस परचेज ऑर्डर मिलने के बावजूद फाइनल परचेज ऑर्डर पर सरकार की मुहर नहीं लग पाई है। इस देरी ने कंपनी की पूरी योजना को पटरी से उतार दिया है और बाजार को लगने लगा है कि यह देरी भविष्य में कंपनी के लिए और भी घातक साबित हो सकती है।
प्रोडक्शन जाम और रेवेन्यू के मोर्चे पर करारी हार
ऑर्डर प्रक्रिया में हो रही लेटलतीफी का असर अब कंपनी की फैक्ट्रियों और बैलेंस शीट पर साफ दिखाई दे रहा है। फाइनल ऑर्डर के अभाव में कंपनी का उत्पादन और सप्लाई चेन पूरी तरह से ठप पड़ गई है, जिससे रेवेन्यू का प्रवाह रुक गया है। टेलीकॉम गियर बनाने वाली यह कंपनी वर्तमान में एक तरफ भारी इन्वेंट्री और दूसरी तरफ घटती सेल के दोहरे संकट से जूझ रही है। जानकारों का मानना है कि जब तक BSNL की तरफ से हरी झंडी नहीं मिलती, तब तक तेजस नेटवर्क के लिए वापसी की राह बेहद कठिन नजर आ रही है।