प्लेटलेट्स बढ़ाने के ‘फेसबुक-वॉट्सऐप’ वाले नुस्खों की पड़ताल; कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये बड़ी भूल?
रायपुर : जैसे ही शहर में डेंगू के मामले बढ़ते हैं, पपीते के पत्तों की मांग और इसके ‘चमत्कारी’ फायदों के मैसेज वायरल होने लगते हैं। लेकिन डॉक्टरों ने इस पर एक चौंकाने वाला सच साझा किया है। मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि लोग अक्सर पपीते के पत्तों को डेंगू की पक्की दवा मानकर अस्पताल जाने में देरी कर देते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकती है। यह समझना जरूरी है कि जिसे हम ‘रामबाण’ मान रहे हैं, विज्ञान की नजर में वह महज एक ‘सप्लीमेंट’ से ज्यादा कुछ नहीं है।
विज्ञान की कसौटी पर पपीते का रस
पपीते के पत्तों में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट जैसे तत्व जरूर होते हैं, जो सेहत के लिए अच्छे हैं, लेकिन डेंगू वायरस से लड़ने के लिए ये पर्याप्त नहीं हैं। डॉक्टर बताते हैं कि डेंगू के दौरान शरीर में पानी की कमी और अंदरूनी ब्लीडिंग का खतरा सबसे ज्यादा होता है। पपीते का रस इन गंभीर समस्याओं को ठीक नहीं कर सकता। लोकप्रियता और वैज्ञानिक सच्चाई के बीच एक बड़ा अंतर है, जिसे नजरअंदाज करना मरीज की हालत को बिगाड़ सकता है।
प्लेटलेट्स का गिरना और असली मेडिकल इमरजेंसी
अक्सर लोग सिर्फ प्लेटलेट्स की गिनती (Count) के पीछे भागते हैं, जबकि डेंगू में असली खतरा शरीर के अंगों में तरल पदार्थ का रिसाव (Capillary Leak) होना है। डॉक्टरों के अनुसार, प्लेटलेट्स का गिरना इम्यून सिस्टम की एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया है जो समय के साथ खुद ठीक होती है। कोई भी रस या घरेलू नुस्खा सीधे प्लेटलेट्स नहीं बढ़ा सकता। असली इलाज तो अस्पताल में मिलने वाली ‘फ्लूइड थेरेपी’ और डॉक्टर की चौबीस घंटे वाली निगरानी ही है।
WHO और ग्लोबल एक्सपर्ट्स ने क्या कहा?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) समेत दुनिया के किसी भी बड़े मेडिकल संस्थान ने पपीते के पत्तों के अर्क को डेंगू का ‘मानक इलाज’ नहीं माना है। ठोस वैज्ञानिक सबूतों की कमी के कारण इसे चिकित्सा पद्धति का हिस्सा नहीं बनाया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक कोई दवा क्लीनिकल ट्रायल में खरी नहीं उतरती, उसे इलाज का आधार बनाना जोखिम भरा है। प्लेटलेट्स केवल इमरजेंसी की स्थिति में ही चढ़ाए जाते हैं, न कि पपीते का रस पीकर इन्हें कृत्रिम रूप से बढ़ाया जा सकता है।
सावधानी ही असली बचाव: क्या करें मरीज?
डॉक्टरों की सलाह है कि डेंगू होने पर घरेलू नुस्खों के भरोसे न बैठें। सबसे पहले डॉक्टर से संपर्क करें, खूब सारा पानी, नारियल पानी और ओआरएस (ORS) पिएं। अगर आप पपीते के पत्तों का रस पीना ही चाहते हैं, तो इसे केवल एक सपोर्ट के तौर पर लें, न कि असली दवा समझकर। याद रखें, डेंगू के शुरुआती लक्षण दिखते ही सही मेडिकल जांच और अस्पताल का परामर्श ही आपकी जान बचा सकता है।