50 हजार के मुचलके पर मंजूर हुई बालेश्वर साहू की जमानत; केसीसी लोन ठगी मामले में थे बंद, शाम तक जिला जेल से आएंगे बाहर
जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है, जहाँ जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को न्यायालय ने बड़ी राहत दे दी है। किसान से धोखाधड़ी और लाखों रुपये की ठगी के आरोप में जेल में बंद विधायक की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने उन्हें 50 हजार रुपये के मुचलके पर सशर्त जमानत दे दी है। आपको बता दें कि विधायक साहू फिलहाल न्यायिक रिमांड पर थे, लेकिन अब जमानत आदेश जारी होने के बाद आज शाम तक उनकी जिला जेल से रिहाई तय मानी जा रही है।
सियासी गलियारों में हलचल, भूपेश बघेल ने की थी मुलाकात
विधायक बालेश्वर साहू की गिरफ्तारी के बाद से ही छत्तीसगढ़ की सियासत गर्माई हुई थी। कल ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जिला जेल पहुंचकर बालेश्वर साहू से मुलाकात की थी, जिसके बाद से ही इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया था। कांग्रेस इसे राजनीतिक षडयंत्र बता रही थी, वहीं विपक्ष भ्रष्टाचार के मुद्दे पर हमलावर था। अब जमानत मिलने की खबर मिलते ही विधायक के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है और जेल के बाहर भारी संख्या में भीड़ जुटने की संभावना जताई जा रही है।
क्या है 42.78 लाख की ठगी का पूरा मामला?
बालेश्वर साहू पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं और इनका नाता उनके विधायक बनने से पहले के समय का है। मामला साल 2015 से 2020 के बीच का है, जब बालेश्वर साहू बम्हनीडीह सहकारी बैंक में मैनेजर के पद पर तैनात थे। पीड़ित किसान राजकुमार शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। आरोप है कि विधायक ने अपने अधीनस्थ गौतम राठौर के साथ मिलकर किसान के फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान का इस्तेमाल किया और बैंक खाते से 42 लाख 78 हजार रुपये की मोटी रकम निकाल ली।
विवादों से विधायक का पुराना नाता, कानूनी लड़ाई जारी
जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू का विवादों से पुराना नाता रहा है, लेकिन इस ताजा मामले ने उनकी छवि पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। हालांकि कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे दोषमुक्त हो गए हैं। मामले में पुलिस की जांच और कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। इस केस में दूसरे आरोपी गौतम राठौर की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। अब देखना यह होगा कि जेल से बाहर आने के बाद विधायक साहू इन आरोपों पर क्या सफाई देते हैं और कांग्रेस इस पर क्या रुख अपनाती है।