16 मार्च से शुरू होगा परीक्षाओं का महाकुंभ, शिक्षा विभाग ने जारी किए सख्त निर्देश
रायपुर (ए) : छत्तीसगढ़ के स्कूली छात्रों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रदेश में कक्षा 5वीं और 8वीं की वार्षिक परीक्षाओं का विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया है। इस बार ये परीक्षाएं पूरी तरह से बोर्ड पैटर्न पर आयोजित की जाएंगी। जारी कार्यक्रम के अनुसार, कक्षा 5वीं की परीक्षाएं 16 मार्च से और कक्षा 8वीं की परीक्षाएं 17 मार्च 2026 से प्रारंभ होंगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश केवल छत्तीसगढ़ बोर्ड से संबद्ध स्कूलों के लिए है, जबकि CBSE और ICSE स्कूलों के छात्र इन परीक्षाओं का हिस्सा नहीं होंगे।
कक्षा और समय सारिणी का विवरण
शिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के मुताबिक, दोनों ही कक्षाओं की परीक्षाएं सुबह की पाली में आयोजित की जाएंगी। कक्षा 5वीं के छात्रों के लिए परीक्षा का समय सुबह 9:00 बजे से 11:00 बजे तक निर्धारित किया गया है, जिसमें उन्हें कुल दो घंटे का समय मिलेगा। वहीं, कक्षा 8वीं के विद्यार्थियों के लिए परीक्षा सुबह 9:00 बजे शुरू होकर दोपहर 12:00 बजे तक चलेगी, यानी इन्हें हल करने के लिए कुल तीन घंटे का समय दिया जाएगा। सभी स्कूलों को निर्देशित किया गया है कि वे समय सीमा के भीतर निर्धारित पाठ्यक्रम को पूरा करें ताकि छात्रों को तैयारी के लिए पर्याप्त अवसर मिल सके।
मार्किंग स्कीम और प्रोजेक्ट वर्क का फॉर्मूला
इस वर्ष परीक्षाओं के मूल्यांकन के लिए एक विशेष अंक योजना तैयार की गई है। कक्षा 5वीं की परीक्षा कुल 50 अंकों की होगी, जिसमें से 40 अंकों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी और शेष 10 अंक छात्र के प्रोजेक्ट वर्क के आधार पर दिए जाएंगे। इसी तरह, कक्षा 8वीं के लिए कुल 100 अंकों का निर्धारण किया गया है। इसमें 80 अंकों की मुख्य लिखित परीक्षा होगी और 20 अंक प्रोजेक्ट कार्य के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। यह बोर्ड पैटर्न लागू करने का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है।
तैयारी और स्कूलों के लिए दिशा-निर्देश
परीक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्राचार्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। स्कूलों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे सिलेबस पूरा करने के साथ-साथ छात्रों का नियमित रिवीजन भी कराएं। बोर्ड पैटर्न पर परीक्षा होने के कारण छात्रों में किसी भी तरह का डर न रहे, इसके लिए मॉक टेस्ट और अभ्यास सत्र आयोजित करने की सलाह भी दी गई है। यह स्पष्ट कर दिया गया है कि परीक्षा केंद्रों पर पारदर्शिता और सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे ताकि बोर्ड की गरिमा बनी रहे।