भिलाई के पॉश इलाकों में चल रहा था ऑनलाइन सट्टे का काला कारोबार; सिविक सेंटर और सी-मार्केट में पुलिस की दबिश, 7 मोबाइल और ₹23,000 कैश के साथ सटोरिये पहुंचे जेल
दुर्ग-भिलाई (ए): दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन जुआ और सट्टा खिलाने वाले सिंडिकेट के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल की है। हाई-टेक होते सटोरियों पर नकेल कसते हुए पुलिस ने दो अलग-अलग छापेमारी में कुल 7 आरोपियों को दबोचा है। ये सटोरिये मोबाइल व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए सट्टे की पर्चियां काट रहे थे और बाजार के बीचों-बीच खुलेआम अवैध कारोबार चला रहे थे। पुलिस ने इनके पास से डिजिटल साक्ष्य और नकदी बरामद कर इन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया है।
मुन्ना जूस कॉर्नर के पास ‘व्हाट्सऐप सट्टा’ का भंडाफोड़
पहली कार्रवाई भिलाई नगर थाना क्षेत्र के व्यस्ततम इलाके सिविक सेंटर में हुई। मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने मुन्ना जूस कॉर्नर के पास घेराबंदी कर नरेश देवांगन और चिंटू कुमार को रंगे हाथों पकड़ा। ये दोनों आरोपी व्हाट्सऐप के माध्यम से सट्टे का दांव लगवा रहे थे। तलाशी लेने पर पुलिस को इनके पास से 8,000 रुपये नगद और सट्टे के रिकॉर्ड वाले मोबाइल फोन बरामद हुए।
सी-मार्केट में पुलिस की रेड, 5 और सटोरिये दबोचे गए
पुलिस की दूसरी टीम ने सेक्टर-06 के सी-मार्केट में दबिश दी, जहाँ सट्टे का बड़ा नेटवर्क संचालित हो रहा था। यहाँ से पुलिस ने कृष्णा जी प्रसाद उर्फ गोलू, भीष्म कुमार, दीपक कुमार, गिरधर रेड्डी और संजय सेनापति को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 15,000 रुपये नगद, 5 स्मार्टफोन और सट्टा नंबर लिखी हुई कॉपियां जब्त की गई हैं। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की सख्त धाराओं के तहत की गई है।
दुर्ग-भिलाई के ‘सफेदपोश’ सटोरियों का प्रोफाइल
गिरफ्तार किए गए आरोपी शहर के अलग-अलग इलाकों जैसे रिसाली, सेक्टर-06, सेक्टर-04, शंकर नगर और सुपेला के रहने वाले हैं। पकड़े गए आरोपियों की उम्र 37 से 56 वर्ष के बीच है, जो लंबे समय से इस अवैध कारोबार में शामिल थे। पुलिस अब इनके व्हाट्सऐप ग्रुप्स को खंगाल रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य बड़े खिलाड़ियों और पंटरों का पर्दाफाश किया जा सके।
पुलिस की चेतावनी: जारी रहेगा ‘क्लीन सिटी’ अभियान
दुर्ग पुलिस के आला अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जिले में किसी भी तरह का अवैध जुआ या सट्टा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मोबाइल और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर जुआ खिलाने वालों पर साइबर सेल की भी पैनी नजर है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि कहीं भी ऐसी अवैध गतिविधियां दिखने पर तुरंत सूचना दें। सभी 7 आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।