महापौर नीरज पाल की अध्यक्षता में MIC की अहम बैठक संपन्न; जोन-2 खेल मैदान का प्रबंधन अब निजी हाथों में, डामरीकरण और कचरा प्रबंधन के लिए भी मिली मंजूरी
भिलाई (ए): भिलाई नगर पालिक निगम की महापौर परिषद (MIC) की बैठक में शहर के विकास और व्यवस्था को लेकर कई कड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। 21 जनवरी को हुई इस बैठक में सबसे बड़ा निर्णय वैशाली नगर जोन-2 स्थित खेल मैदान को लेकर लिया गया, जिसका संचालन और मैनेजमेंट अब एक निजी संस्था देखेगी। इसके साथ ही, शहर की सड़कों को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर लावारिस पड़े वाहनों को नीलाम करने का आदेश भी जारी कर दिया गया है।
खेल मैदान का निजीकरण और सामुदायिक भवनों का किराया
भिलाई के जोन-2 वैशाली नगर स्थित खेल मैदान के बेहतर रखरखाव के लिए निगम ने इसे निजी या संस्थागत हाथों में सौंपने का फैसला किया है। इसके अलावा, सुपेला और घासीदास नगर के सामुदायिक भवनों समेत शांति नगर दशहरा मैदान के खाली परिसर को भी किराए पर देने की तैयारी है। इसके लिए नए सिरे से प्रस्ताव बनाकर अगली बैठक में पेश करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि निगम के राजस्व में बढ़ोतरी हो सके।
सड़कों से हटेंगे लावारिस वाहन, होगी खुली नीलामी
शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए MIC ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थलों पर अवैध रूप से खड़े लावारिस वाहनों को जब्त कर उनकी नीलामी की जाएगी। अक्सर इन वाहनों की वजह से सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रहती है। साथ ही, नेहरू नगर वार्ड-4 के जी.ई. रोड स्थित गार्डन नंबर 1 से 4 के बेहतर संचालन के लिए भी निजी संस्थाओं से रुचि की अभिव्यक्ति (EOI) आमंत्रित की जाएगी।
डामरीकरण और कचरा प्रबंधन पर विशेष जोर
बैठक में वार्ड 31 बैकुंठधाम और वार्ड 35 में किशन चौक से पंप हाउस तक सड़कों के डामरीकरण को हरी झंडी दे दी गई है। सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 15वें वित्त आयोग की योजना के तहत नए कचरा वाहनों की खरीदी को मंजूरी मिली है। साथ ही, एसएलआरएम (SLRM) सेंटरों में कचरा पृथकीकरण और गीले कचरे से खाद बनाने के काम में तेजी लाने का निर्णय लिया गया है।
30 साल पुरानी लीज और कर्मचारियों पर फैसला
विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SAADA) द्वारा 30 वर्षों की लीज पर दिए गए भूखंडों के प्रयोजन परिवर्तन (Purpose Change) से जुड़े लंबित मामलों के निराकरण का मार्ग अब साफ हो गया है। परिषद ने इस प्रक्रिया को निर्धारित करने पर सहमति दे दी है। इसके अलावा, बैठक में निगम के नियमित और प्लेसमेंट कर्मचारियों के सेवा विस्तार (Service Extension) पर भी विस्तृत चर्चा की गई, जिससे सैकड़ों कर्मियों को राहत मिलने की उम्मीद है।