23 जनवरी से नई व्यवस्था प्रभावी, प्रशासनिक ढांचे में बड़ा फेरबदल, कई IPS अधिकारियों के तबादले
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू करते हुए व्यापक प्रशासनिक बदलाव किए हैं। इसके तहत वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजीव शुक्ला को रायपुर का पहला पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है।
रायपुर। रायपुर में शुक्रवार से पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने जा रहा है। इस नई व्यवस्था के साथ ही राज्य सरकार ने पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल किया है। वर्ष 2004 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजिव शुक्ला को रायपुर का पहला पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। अब तक वे बिलासपुर रेंज में आईजी के पद पर कार्यरत थे।

नई व्यवस्था के तहत श्वेता श्रीवास्तव को रायपुर ग्रामीण जिले का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं रायपुर के मौजूदा एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह को जशपुर भेजा गया है, जबकि जशपुर एसएसपी शशिमोहन सिंह को रायगढ़ की जिम्मेदारी दी गई है।
तबादला आदेश के अनुसार रामगोपाल गर्ग (आईपीएस-2007) को दुर्ग रेंज से हटाकर बिलासपुर रेंज का आईजी बनाया गया है। इसी तरह अभिषेक शांडिल्य (आईपीएस-2007) को राजनांदगांव रेंज से दुर्ग रेंज के आईजी पद पर पदस्थ किया गया है। इसके अलावा पुलिस मुख्यालय रायपुर में कानून-व्यवस्था देख रहे बालाजी राव सोमावर (आईपीएस-2007) को आईजी, राजनांदगांव रेंज नियुक्त किया गया है।
गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम रायपुर के आधे जिले में लागू किया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत शहर की पुलिस को दो भागों में विभाजित किया जाएगा। रायपुर के 21 थाने पुलिस कमिश्नर के अधीन रहेंगे, जबकि 12 थाने एसपी स्तर से संचालित होंगे।
यह मॉडल मध्य प्रदेश के भोपाल और इंदौर में लागू पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था पर आधारित है, जहां शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की पुलिसिंग अलग-अलग प्रशासनिक ढांचे के तहत संचालित की जाती है। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से अपराध नियंत्रण और त्वरित निर्णय प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।