सनसनीखेज खुलासा: तांत्रिकों के जाल में फंसकर अपनों ने ही बहाया अपनों का खून, बलि और कत्ल की वारदातों से कांपा छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ से इस वक्त की सबसे बड़ी और रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के नाम पर राज्य में मौत का तांडव चल रहा है। ताज़ा पड़ताल में यह चौंकाने वाला सच सामने आया है कि पिछले कुछ समय में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 8 लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई है। सबसे डरावनी बात यह है कि बलौदाबाजार में एक तांत्रिक ने सिद्धि प्राप्त करने के लिए एक व्यक्ति का सिर काटकर उसकी बलि चढ़ा दी। तांत्रिकों ने लोगों के मन में अमीर बनने और चमत्कार का ऐसा लालच भरा है कि सगे रिश्तेदार ही एक-दूसरे के खून के प्यासे हो गए हैं। बलौदाबाजार, कोरबा, मुंगेली और सक्ती जैसे जिलों से आई इन खबरों ने पूरे प्रदेश को दहशत में डाल दिया है।
बलौदाबाजार में तांत्रिक मामा का खूनी खेल: भांजे का सिर काटकर जमीन में गाड़ा, धड़ को रेलवे ट्रैक पर फेंका
बलौदाबाजार के दरचुरा गांव में हुई वारदात ने पुलिस के भी होश उड़ा दिए हैं। यहाँ एक पत्नी ने अपने पति से बदला लेने के लिए अपने तांत्रिक मामा और कॉन्ट्रैक्ट किलर्स के साथ मिलकर मौत की साजिश रची। तांत्रिक मामा ने खुद को सिद्ध साबित करने और शक्तियां पाने की सनक में अपने ही भांजे का सिर कलम कर दिया। तांत्रिक ने सिर को बलि के रूप में पूजा स्थल के पास जमीन में गाड़ दिया, ताकि वह लोगों को अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर सके, जबकि शरीर के बाकी हिस्से को ट्रेन की पटरी पर फेंक दिया गया। वहीं कोरबा में एक तांत्रिक ने पैसों के लालच में एक कारोबारी समेत तीन लोगों को कमरे में बंद कर गला घोंटकर मार डाला। इन हत्याओं का पैटर्न इतना वीभत्स है कि सुनकर ही रूह कांप जाती है।
अंधविश्वास की वेदी पर मासूमों की कुर्बानी: सगे भैया-भाभी ने भतीजी को काटा, मां ने बेटों को दिया जहर
छत्तीसगढ़ में अंधविश्वास का जहर इतना गहरा फैल चुका है कि मासूम बच्चे भी सुरक्षित नहीं हैं। मुंगेली जिले में एक सगे भैया-भाभी ने रातों-रात अमीर बनने की चाहत में अपनी ही 7 साल की भतीजी की बलि चढ़ा दी। आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने ‘झरन पूजा’ के जरिए धन वर्षा कराने के लिए मासूम को मौत के घाट उतारा। इसी तरह सक्ती जिले में एक मां ने तंत्र-मंत्र के प्रभाव में आकर अपने ही दो सगे बेटों को जहर खिलाकर मार डाला। विशेषज्ञों का मानना है कि गरीबी, बीमारी और जल्दी अमीर बनने का डर लोगों को तांत्रिकों के करीब ले जाता है, जहाँ ढोंगी तांत्रिक उन्हें हत्यारा बना देते हैं। प्रदेश में टोनही निवारण कानून के बावजूद हजारों मामले सामने आ रहे हैं, जो समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है।