अजित दादा के निधन के चौथे दिन मिली बड़ी जिम्मेदारी; शरद पवार समारोह से रहे दूर
महाराष्ट्र (ए) : महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार को एक नया अध्याय जुड़ गया। स्वर्गीय अजित पवार के निधन के ठीक चौथे दिन उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने प्रदेश की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने लोकभवन में आयोजित एक संक्षिप्त लेकिन गरिमामय समारोह में सुनेत्रा को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। मात्र 12 मिनट तक चले इस कार्यक्रम ने राज्य को उसकी पहली महिला डिप्टी सीएम देकर इतिहास रच दिया। हालांकि, परिवार के मुखिया शरद पवार इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं।
सांसद पद से इस्तीफा और विधायक दल का नेतृत्व
डिप्टी सीएम पद की शपथ लेने से कुछ घंटे पहले सुनेत्रा पवार ने अपनी राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। संवैधानिक नियमों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति एक साथ संसद सदस्य और राज्य सरकार में मंत्री नहीं रह सकता। इससे पहले सुबह, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायक दल की बैठक में सुनेत्रा को सर्वसम्मति से नेता चुना गया। बैठक में पहुंचते ही सुनेत्रा ने सबसे पहले अपने दिवंगत पति अजित पवार के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया। इस दौरान राकांपा के सभी 41 विधायक और प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल जैसे दिग्गज नेता मौजूद रहे।
अजित पवार का निधन और खाली हुआ पद
यह राजनीतिक बदलाव 28 जनवरी को हुई एक दुखद घटना का परिणाम है। महाराष्ट्र के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार की बारामती के पास एक विमान दुर्घटना (प्लेन क्रैश) में मृत्यु हो गई थी। उनके आकस्मिक निधन से सरकार और पार्टी में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया था। बजट सत्र नजदीक होने और प्रशासन को गति देने के लिए एनसीपी नेतृत्व ने त्वरित फैसला लेते हुए सुनेत्रा पवार को यह जिम्मेदारी सौंपी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार पवार परिवार और पार्टी के साथ मजबूती से खड़ी है।
शरद पवार का बड़ा दावा: “अजित चाहते थे दोनों गुटों का विलय”
एक तरफ जहां मुंबई में शपथ ग्रहण चल रहा था, वहीं शरद पवार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सनसनीखेज खुलासा किया। उन्होंने दावा किया कि अजित पवार के निधन से पहले दोनों एनसीपी गुटों के विलय की बातचीत अंतिम दौर में थी और 12 फरवरी की तारीख इसके लिए तय की गई थी। शरद पवार ने भावुक होते हुए कहा कि अब उनके भतीजे की आखिरी इच्छा को पूरा करना ही उनका लक्ष्य है। हालांकि, सुनेत्रा के शपथ ग्रहण में शामिल न होने पर उन्होंने कहा कि यह उनकी पार्टी का आंतरिक फैसला था और उन्हें इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं थी।
पीएम मोदी ने दी बधाई, भविष्य की चुनौतियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के माध्यम से सुनेत्रा पवार को बधाई दी। पीएम ने विश्वास जताया कि वह स्वर्गीय अजित दादा के विजन को आगे बढ़ाएंगी और राज्य के विकास में योगदान देंगी। फिलहाल, वित्त विभाग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास ही रहने की संभावना है और आगामी बजट भी वही पेश कर सकते हैं। सुनेत्रा के सामने अब न केवल अपने पति की विरासत को संभालने की चुनौती है, बल्कि आगामी चुनावों में पार्टी को एकजुट रखने की बड़ी जिम्मेदारी भी है।