केंद्रीय बजट 2026-27: माइनिंग, रेल और कृषि क्षेत्र को मिला ‘बूस्टर डोज’; छत्तीसगढ़ी भाषा में खेती की सलाह देगा एआई टूल
रायपुर (ए) : केंद्रीय बजट 2026-27 छत्तीसगढ़ के भविष्य को बदलने वाला एक गेम-चेंजर दस्तावेज साबित होने जा रहा है। इस बजट में राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए खनन, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे में भारी निवेश का रोडमैप तैयार किया गया है। बजट का सबसे बड़ा आकर्षण ‘माइनिंग कॉरिडोर’ और ‘भारत-विस्तार एआई’ जैसे आधुनिक कदम हैं, जो छत्तीसगढ़ को देश के औद्योगिक मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला बजट बताया है।
औद्योगिक क्रांति: माइनिंग कॉरिडोर और टैक्स में राहत
छत्तीसगढ़ के लिए बजट की सबसे क्रांतिकारी घोषणा ‘माइनिंग कॉरिडोर’ का निर्माण है। ओडिशा और केरल के साथ मिलकर बनने वाला यह कॉरिडोर राज्य के खनिज आधारित उद्योगों की रीढ़ बनेगा। दुर्लभ खनिजों पर सीमा शुल्क (Customs Duty) घटने से प्रदेश के मेटल और माइनिंग सेक्टर में उत्पादन लागत कम होगी, जिससे वैश्विक स्तर पर छत्तीसगढ़ के उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। यह कदम न केवल निवेश आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के लाखों नए अवसर भी पैदा करेगा।
सामाजिक सुरक्षा: 8 लाख पीएम आवास और लखपति दीदी का लक्ष्य
गरीब और मध्यम वर्ग के लिए बजट में बड़ी राहत देते हुए प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में 8 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे उन हजारों परिवारों को पक्की छत मिलेगी जो लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। इसके अलावा, राज्य की ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘लखपति दीदी’ योजना का विस्तार किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ की करीब 3.37 लाख महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण के जरिए आय के नए स्रोत उपलब्ध कराए जाएंगे।
शिक्षा और स्वास्थ्य: बेटियों के लिए हॉस्टल और हेल्थ ऑब्जर्वेटरी
शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए बजट में छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में छात्राओं के लिए सुरक्षित गर्ल्स हॉस्टल बनाने का प्रावधान किया गया है। इससे उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली बेटियों को रहने की चिंता नहीं होगी। वहीं, बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों के लिए ‘जनजातीय स्वास्थ्य वेधशाला’ की स्थापना की जाएगी, जो आदिवासी समुदायों में कुपोषण और बीमारियों की निगरानी करेगी। बस्तर के अंदरूनी इलाकों में सड़क निर्माण के लिए अतिरिक्त बजट आवंटित कर कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा।
तकनीक और रेल: छत्तीसगढ़ी भाषा में एआई और स्मार्ट स्टेशन
किसानों के लिए तकनीक का द्वार खोलते हुए केंद्र सरकार ने ‘भारत-विस्तार’ एआई टूल पेश किया है, जो छत्तीसगढ़ी बोली में मौसम और फसलों की जानकारी देगा। वहीं, परिवहन के क्षेत्र में रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर समेत 32 प्रमुख रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प ‘अमृत स्टेशन योजना’ के तहत किया जाएगा। इसके साथ ही, कैंसर और डायबिटीज जैसी बीमारियों के लिए सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने हेतु ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना के तहत छत्तीसगढ़ में बायोलॉजिक दवाओं के निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा।
विष्णुदेव साय (मुख्यमंत्री): “यह बजट छत्तीसगढ़ को आर्थिक महाशक्ति बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। खनन से लेकर आवास तक, हर वर्ग को सीधा लाभ मिलेगा।”
भूपेश बघेल (पूर्व मुख्यमंत्री): “बजट में न किसानों के लिए कुछ है, न मजदूरों के लिए। यह पूरी तरह से निराशाजनक है, केवल शराब की कीमतें बढ़ाकर बोझ डाला गया है।”