STT बढ़ने से कल धराशायी हुआ था बाजार, आज 200 अंकों की बढ़त के साथ वापसी; जानें निवेशकों के लिए क्या बदले नियम
मुंबई (ए) : बजट 2026-27 के पेश होने के अगले ही दिन भारतीय शेयर बाजार में हरियाली लौट आई है। आज यानी 2 फरवरी को शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 200 अंक उछलकर 81,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है, वहीं निफ्टी भी 50 अंकों की मजबूती के साथ 24,900 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। कल बजट के दौरान टैक्स बढ़ने की खबर से बाजार 1546 पॉइंट टूट गया था, लेकिन आज मेटल और बैंकिंग सेक्टर में आई खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया है।
कल क्यों आया था ‘ब्लैक संडे’ जैसा तूफान?
1 फरवरी को बजट भाषण के दौरान सरकार ने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) पर लगने वाले सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को बढ़ाने का ऐलान किया था। इस खबर के आते ही निवेशकों में अफरा-तफरी मच गई और सेंसेक्स करीब 2% गिरकर बंद हुआ। अकेले एक दिन में निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये डूब गए थे। आज बाजार उस भारी गिरावट के बाद खुद को संभालने की कोशिश कर रहा है, हालांकि आईटी और एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर में अब भी दबाव देखा जा रहा है।
निवेशकों की जेब पर अब STT का नया बोझ
सरकार ने बजट में ट्रेडिंग पर टैक्स की दरें बढ़ा दी हैं, जिसका सीधा असर मुनाफे पर पड़ेगा। अब फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर STT 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है। वहीं, ऑप्शंस प्रीमियम पर लगने वाला टैक्स अब 0.1% से बढ़ाकर 0.15% हो गया है। इसका मतलब है कि अब ट्रेडर्स को हर खरीद-बिक्री पर पहले के मुकाबले ज्यादा टैक्स चुकाना होगा, चाहे उन्हें सौदा करने पर मुनाफा हो या घाटा।
विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली जारी
बाजार में आई इस अस्थिरता के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का भरोसा डगमगाया हुआ दिख रहा है। 1 फरवरी को विदेशी निवेशकों ने ₹588 करोड़ के शेयर बेचे, जबकि घरेलू निवेशकों (DII) ने भी ₹682 करोड़ की बिकवाली की। गौरतलब है कि पिछले साल दिसंबर में भी विदेशी निवेशकों ने भारी निकासी की थी, जिसे भारतीय घरेलू निवेशकों ने खरीदारी कर संभाला था। फिलहाल ग्लोबल मार्केट (जापान, कोरिया और अमेरिका) से मिल रहे कमजोर संकेतों का असर भी भारतीय बाजार पर दिख रहा है।
क्या है STT और ट्रेडिंग पर इसका असर?
STT यानी सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स वह टैक्स है जो शेयर बाजार में होने वाली हर ट्रांजैक्शन पर सरकार वसूलती है। यह आपके प्रॉफिट या लॉस पर नहीं, बल्कि कुल टर्नओवर पर लगता है। टैक्स दरों में इस वृद्धि से इंट्राडे ट्रेडर्स और शॉर्ट टर्म निवेशकों की लागत बढ़ जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स बढ़ने से बाजार में सट्टेबाजी (Speculation) कम हो सकती है, लेकिन छोटे ट्रेडर्स के लिए यह एक अतिरिक्त आर्थिक बोझ की तरह है।
मार्केट अपडेट: सेंसेक्स के 30 में से 21 शेयरों में तेजी है। निवेशकों की नजर अब ग्लोबल मार्केट के रुख और बजट के बाद आने वाले तिमाही नतीजों पर टिकी है।