वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग का आदेश जारी; आदिवासी स्वास्थ्य परंपरा के संरक्षण और वन आधारित आजीविका को मिलेगा बल
छत्तीसगढ़ सरकार ने पारंपरिक चिकित्सा और औषधीय पौधों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया है। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत अंजय शुक्ला को छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
रायपुर। राज्य सरकार ने आदिवासी परंपराओं और वन संसाधनों के संरक्षण को नई दिशा देने की पहल की है। इसी क्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने आदेश जारी कर अंजय शुक्ला को छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है।
यह बोर्ड प्रदेश में प्रचलित पारंपरिक आदिवासी चिकित्सा पद्धतियों के संरक्षण, दस्तावेजीकरण और संवर्धन के लिए कार्य करता है। साथ ही औषधीय पौधों के संरक्षण, संवर्धन एवं व्यावसायिक उत्पादन को बढ़ावा देना इसकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है।
सरकार की मंशा है कि वन क्षेत्रों में उपलब्ध जड़ी-बूटियों और औषधीय पौधों के वैज्ञानिक प्रबंधन के माध्यम से स्थानीय समुदायों की आय बढ़ाई जाए। इससे न केवल पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित किया जा सकेगा, बल्कि वन आधारित आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।
अंजय शुक्ला की नियुक्ति को इसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा माना जा रहा है, जिससे प्रदेश में स्वास्थ्य परंपरा और प्राकृतिक संसाधनों के समन्वित विकास को गति मिलने की उम्मीद है।