- बंगले के मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद राम मंदिर रवाना
- अदिति चौधरी बोलीं— महिलाओं के लिए खास रहेगा इस बार का बजट
- जल बोर्ड, ‘जी राम जी’ योजना, स्टार्टअप और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े ऐलान की संभावना
- सीएम साय ने कहा— समग्र विकास को नई दिशा देगा बजट
छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सदन में दस्तावेज रखने से पहले अपने सरकारी निवास स्थित मंदिर में पत्नी अदिति चौधरी के साथ पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद वे राम मंदिर के लिए रवाना हुए। दोपहर 12.30 बजे वे साय सरकार का तीसरा बजट विधानसभा में प्रस्तुत करेंगे।
रायपुर। प्रदेश की सियासत और आमजन की उम्मीदों के केंद्र में आज पेश होने वाला वित्त वर्ष 2026-27 का बजट है। सदन में दस्तावेज रखने से पहले वित्त मंत्री ओपी चौधरी आध्यात्मिक माहौल में नजर आए। वे अपने बंगले में स्थित मंदिर में ब्रीफकेस के साथ पूजा करते दिखे। इस दौरान उनकी पत्नी अदिति चौधरी भी मौजूद रहीं। पूजा के बाद वे राम मंदिर रवाना हुए और वहां दर्शन-पूजन के उपरांत विधानसभा पहुंचेंगे।
अदिति चौधरी ने संक्षिप्त बातचीत में कहा कि इस बार का बजट महिलाओं के लिए विशेष रहेगा। इससे पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी बजट को प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में अहम कदम बताते हुए जनता को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नई विधानसभा में पेश होने जा रहा सरकार का तीसरा बजट विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के विजन को और मजबूत करेगा।
सदन में आज की कार्यवाही
विधानसभा की कार्यवाही के दूसरे दिन की शुरुआत हो चुकी है। सर्वप्रथम अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व सदस्य दीनदयाल सिंह पोर्ते के निधन का उल्लेख किया गया। इसके बाद प्रश्नोत्तर काल में सूचीबद्ध प्रश्नों पर चर्चा होगी। दोपहर 12.30 बजे वित्त मंत्री ओपी चौधरी बजट प्रस्तुत करेंगे।
क्या हो सकते हैं बड़े ऐलान?
सूत्रों के मुताबिक इस बार बजट में जल बोर्ड गठन की दिशा में पहल, ‘जी राम जी’ (Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission–Gramin) योजना के तहत ग्राम पंचायतों के विकास, स्टार्टअप और एमएसएमई को प्रोत्साहन तथा राजधानी को मेट्रो सिटी की तर्ज पर विकसित करने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हो सकते हैं।
गुड गवर्नेंस और टेक्नोलॉजी पर जोर
सरकार प्रशासनिक सुधार, डिजिटल गवर्नेंस और टेक्नोलॉजी आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम को प्राथमिकता दे सकती है। ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार, पारदर्शिता और योजनाओं की प्रभावी निगरानी के लिए विशेष बजटीय प्रावधान संभव हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और औद्योगिक विकास को रफ्तार देने की भी तैयारी है।
युवा, किसान और महिला वर्ग पर फोकस
युवाओं के लिए रोजगार सृजन, स्टार्टअप नीति और निवेश प्रोत्साहन योजनाओं का ऐलान हो सकता है। जिला स्तर पर उद्योग और फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकेज की उम्मीद है। किसानों के लिए समर्थन मूल्य, सिंचाई परियोजनाओं और कृषि अधोसंरचना में अतिरिक्त राशि का प्रावधान संभावित है। महिलाओं और बच्चों के लिए पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं को मजबूत करने की दिशा में भी सरकार बड़े कदम उठा सकती है।
राजधानी और ग्रामीण विकास
मुख्यमंत्री राजधानी विकास योजना के तहत राजधानी को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की रूपरेखा सामने आ सकती है। जल एवं ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के साथ जल बोर्ड गठन की दिशा में ठोस पहल की संभावना है। ग्रामीण क्षेत्रों में ‘जी राम जी योजना’ के अंतर्गत सड़कों, नालियों, सामुदायिक भवनों और बुनियादी ढांचे के लिए बजट बढ़ाया जा सकता है।
खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य को संबल
छोटे शहरों में खेल मैदानों के विकास और यातायात सुधार के लिए रिंग रोड परियोजनाओं का प्रावधान किया जा सकता है। शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में उनकी प्रतिमा स्थापना के लिए राशि प्रस्तावित है। सारंगढ़ के इंडोर स्टेडियम के नवीनीकरण पर भी फोकस संभव है।
शिक्षा के क्षेत्र में जिलों में नालंदा लाइब्रेरी स्थापित करने की योजना को गति मिल सकती है। स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान योजना और पीएम सूर्यघर योजना के लिए बड़ी राशि का प्रावधान संभावित है, जिससे स्वास्थ्य सुरक्षा और सौर ऊर्जा विस्तार को बल मिलेगा।
कुल मिलाकर यह बजट सामाजिक सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी सुधार और औद्योगिक विकास के बीच संतुलन साधने की दिशा में अहम दस्तावेज माना जा रहा है। प्रदेश के हर वर्ग की नजर अब दोपहर 12.30 बजे सदन में रखे जाने वाले बजट पर टिकी है।