- निफ्टी 25,500 के नीचे फिसला, ऑटो सेक्टर में भी दबाव
- टेक शेयरों में कमजोरी से निवेशकों की धारणा प्रभावित
- एआई टूल अपडेट के बाद आईटी कंपनियों पर बढ़ी चिंता
सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन शेयर बाजार दबाव में नजर आया। आईटी शेयरों में तेज बिकवाली के चलते सेंसेक्स करीब 800 अंक टूटकर 82,500 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 200 अंक गिरकर 25,500 के नीचे फिसल गया। टेक्नोलॉजी और ऑटो सेक्टर में कमजोरी से बाजार की धारणा प्रभावित रही।
मुंबई (ए)। वैश्विक संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को कमजोरी का माहौल रहा। शुरुआती कारोबार से ही बिकवाली हावी रही, जिससे प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते दिखे। सेंसेक्स लगभग 800 अंकों की गिरावट के साथ 82,500 के आसपास पहुंच गया। वहीं निफ्टी भी करीब 200 अंक फिसलकर 25,500 के अहम स्तर को तोड़ता नजर आया।
बाजार में गिरावट की अगुवाई आईटी सेक्टर ने की। दिग्गज टेक कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली से निवेशकों का भरोसा डगमगाया। इसके साथ ही ऑटो सेक्टर के शेयरों में भी कमजोरी दर्ज की गई, जिससे गिरावट और गहरी हो गई।
आईटी शेयरों पर क्यों बढ़ा दबाव?
टेक शेयरों में आई गिरावट की प्रमुख वजह एआई सेक्टर से जुड़ी एक बड़ी खबर मानी जा रही है। अमेरिकी एआई कंपनी Anthropic ने अपने ‘Claude Code’ टूल का नया अपडेट जारी किया है। बाजार में इसे ऐसे समाधान के रूप में देखा जा रहा है, जो पुरानी प्रोग्रामिंग भाषा ‘COBOL’ पर आधारित सिस्टम को तेज और कम लागत में मॉडर्नाइज करने में सक्षम हो सकता है।
COBOL एक दशकों पुरानी प्रोग्रामिंग भाषा है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से बैंकिंग, सरकारी संस्थानों और बड़े कॉर्पोरेट डेटा मैनेजमेंट सिस्टम में किया जाता रहा है। दुनिया के कई बैंकिंग नेटवर्क और एटीएम सिस्टम अब भी इसी तकनीक पर आधारित हैं। यदि मॉडर्नाइजेशन की प्रक्रिया आसान और सस्ती होती है, तो पारंपरिक आईटी सेवाओं पर निर्भर कंपनियों के राजस्व मॉडल पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
निवेशकों की सतर्कता बढ़ी
विशेषज्ञों के मुताबिक, टेक्नोलॉजी सेक्टर में वैश्विक प्रतिस्पर्धा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित टूल्स के बढ़ते दखल से पारंपरिक आईटी कंपनियों के भविष्य को लेकर आशंकाएं बढ़ी हैं। यही कारण है कि निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी। कुल मिलाकर बाजार में फिलहाल सतर्कता का माहौल है। आने वाले सत्रों में वैश्विक संकेतों और सेक्टर-विशेष की खबरों के आधार पर बाजार की दिशा तय होगी।