- इंद्रावती के जंगलों में मुठभेड़, SLR-इंसास समेत हथियार बरामद
- ढेर नक्सलियों में एक महिला शामिल, दोनों पर 5-5 लाख का इनाम
- कांकेर में 23 साल से सक्रिय महिला नक्सली ने AK-47 के साथ डाले हथियार
- एक साल में 232 नक्सली मारे गए, 888 ने छोड़ा हिंसा का रास्ता
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो वर्दीधारी और 5-5 लाख के इनामी नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराया। इंद्रावती नदी के जैगुर-डोडुम जंगलों में हुई इस कार्रवाई में एक महिला नक्सली भी ढेर हुई है। मौके से एसएलआर, इंसास और अन्य हथियार बरामद किए गए हैं। दूसरी ओर कांकेर में 23 वर्षों से सक्रिय रही महिला नक्सली ने AK-47 के साथ आत्मसमर्पण कर दिया।
जगदलपुर/बीजापुर। नक्सल मोर्चे पर सुरक्षाबलों को एक और अहम सफलता मिली है। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के जांगला थाना क्षेत्र में इंद्रावती नदी के जैगुर-डोडुम के घने जंगलों में हुई मुठभेड़ में दो वर्दीधारी माओवादी मारे गए। दोनों पर 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। मारे गए नक्सलियों में एक महिला भी शामिल है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम सर्चिंग पर निकली थी। इसी दौरान जंगल में छिपे नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों नक्सली ढेर हो गए।
हथियार और विस्फोटक बरामद
मुठभेड़ के बाद चलाए गए सर्च ऑपरेशन में एक एसएलआर, एक इंसास राइफल, 12 बोर बंदूक, विस्फोटक सामग्री और दैनिक उपयोग का सामान बरामद किया गया। फिलहाल इलाके में सघन सर्चिंग जारी है।
कांकेर में डीवीसीएम मासे ने किया आत्मसमर्पण
इधर, कांकेर जिले में लंबे समय से सक्रिय डीवीसीएम मासे बारसा ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। वह वर्ष 2003 से दण्डकारण्य, अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर क्षेत्र में सक्रिय थी। 26 फरवरी को उसने AK-47 के साथ पुलिस के सामने हथियार डाल दिए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संगठन में बढ़ते दबाव और विकास कार्यों से प्रभावित होकर उसने मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया।
एक साल में 232 नक्सली ढेर
बीजापुर पुलिस के मुताबिक जनवरी 2024 से अब तक जिले में 232 नक्सली मारे गए हैं। इस दौरान 1163 गिरफ्तार हुए, जबकि 888 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में वापसी की है। वर्ष 2025 में 163 और 2026 में अब तक 11 नक्सली मारे जा चुके हैं।
बस्तर में सिमट रहा नक्सल नेटवर्क
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार बस्तर संभाग में अब करीब 200 आर्म्ड कैडर ही सक्रिय बचे हैं, जो छोटे-छोटे समूहों में छिपे हुए हैं। महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ (MMC) जोन लगभग समाप्त हो चुका है, जबकि उत्तर बस्तर और माड़ डिवीजन में भी संगठन को भारी नुकसान पहुंचा है। हाल के महीनों में लगातार हो रही मुठभेड़ों और आत्मसमर्पणों से स्पष्ट है कि नक्सल संगठन पर सुरक्षा बलों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।