जांगला थाना क्षेत्र में DRG की कार्रवाई, भारी मात्रा में हथियार-गोला बारूद बरामद
कांकेर में एके-47 के साथ मासे बारसा ने किया सरेंडर, नक्सलियों के लिए हेल्पलाइन जारी
बीजापुर। जिले के जांगला थाना क्षेत्र अंतर्गत जैगुर-डोडुम के बीच गुरुवार सुबह सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो इनामी नक्सली मारे गए। दोनों पर कुल 10 लाख रुपए का इनाम घोषित था। मौके से हथियार, विस्फोटक और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई है। घटना के बाद संयुक्त बलों ने इलाके में व्यापक सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है।
पुलिस के अनुसार, नक्सलियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना पर डीआरजी की टीम सर्च ऑपरेशन पर निकली थी। इसी दौरान घात लगाए नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। जवानों की जवाबी कार्रवाई में भैरमगढ़ एरिया कमेटी के 5 लाख के इनामी एसीएम हिचामी मड्डा और 5 लाख की इनामी एसीएम मनकी पोडियाम मारे गए।
मुठभेड़ स्थल से एक एसएलआर राइफल, एक इंसास राइफल, 12 बोर बंदूक, मैग्जीन और दर्जनों जिंदा कारतूस, दो हैंड ग्रेनेड, देसी ग्रेनेड, डेटोनेटर, स्कैनर, बैटरी और दवाइयां बरामद की गईं। ऑपरेशन में डीआरजी, बस्तर फाइटर्स, एसटीएफ, सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम शामिल रही।
कांकेर में एके-47 के साथ महिला नक्सली का आत्मसमर्पण
इधर, उत्तर बस्तर डिवीजन में सक्रिय एरिया कमेटी सदस्य और सप्लाई टीम की मेंबर मासे बारसा ने कांकेर पहुंचकर एसपी के समक्ष एके-47 राइफल के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। उस पर 5 लाख रुपए का इनाम घोषित था, जबकि हथियार सहित समर्पण करने पर कुल 9 लाख रुपए की इनामी मानी जा रही है।
एसपी Nikhil Rakhecha ने बताया कि आत्मसमर्पण की इच्छा रखने वाले नक्सली सीधे पुलिस से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 9479194119 जारी किया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरेंडर करने वालों को पूर्ण सुरक्षा और शासन की पुनर्वास योजना का लाभ दिया जाएगा।
2003 से संगठन में सक्रिय थी मासे बारसा
बीजापुर निवासी मासे बारसा वर्ष 2003 में नक्सली संगठन से जुड़ी थी और दंडकारण्य, अबूझमाड़ तथा उत्तर बस्तर क्षेत्र में सक्रिय रही। हाल के दिनों में वह नारायणपुर और कांकेर जिलों में सप्लाई नेटवर्क संभाल रही थी। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में मामले दर्ज हैं। 25 फरवरी की रात वह कांकेर एसपी कार्यालय पहुंचकर मुख्यधारा में लौट आई।
पुलिस का दावा है कि कांकेर जिले में अब केवल 21 सक्रिय नक्सली शेष हैं, जिनमें परतापुर एरिया कमेटी और मिलिट्री कंपनी नंबर 5 के सदस्य शामिल हैं। लगातार सरेंडर और कार्रवाई के बीच सुरक्षा बलों ने सशस्त्र नक्सल गतिविधियों के खात्मे की दिशा में निर्णायक बढ़त का दावा किया है।