- 1983 और 2024 में इंग्लैंड को हराकर भारत बना चैंपियन
- 1987 और 2022 में अंग्रेजों ने रोका भारत का सफर
- बड़े मुकाबलों में बराबरी की जंग, अब किसका पलड़ा भारी?
ICC टूर्नामेंट के बड़े मंच पर भारत और इंग्लैंड की टक्कर हमेशा यादगार रही है। अब दोनों टीमें पांचवीं बार सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगी। अब तक खेले गए चार मुकाबलों में दोनों ने दो-दो जीत दर्ज की है। खास बात यह है कि जब-जब भारत ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड को मात दी, टीम इंडिया ने ट्रॉफी भी अपने नाम की।
ICC सेमीफाइनल में भारत vs इंग्लैंड: आंकड़ों की कहानी
दोनों टीमों के बीच सेमीफाइनल की जंग 2-2 से बराबरी पर है।
- भारत की जीत: 1983, 2024
- इंग्लैंड की जीत: 1987, 2022
यह मुकाबला केवल फाइनल का टिकट नहीं, बल्कि इतिहास में बढ़त का सवाल भी है।
1983: जब ‘अंडरडॉग’ भारत ने रचा इतिहास
1983 Cricket World Cup के सेमीफाइनल में भारत ने मेजबान इंग्लैंड को 6 विकेट से हराकर सबको चौंका दिया। मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में खेले गए मुकाबले में कप्तान Kapil Dev की अगुवाई में टीम ने 213 रन पर इंग्लैंड को समेट दिया।
Mohinder Amarnath (46 रन) और Yashpal Sharma (61 रन) की साझेदारी ने मैच की दिशा बदल दी। अंत में Sandeep Patil ने ताबड़तोड़ 51 रन बनाकर जीत पक्की कर दी।
इस जीत के बाद भारत ने फाइनल में West Indies cricket team को हराकर पहली बार विश्व कप जीता।
1987: इंग्लैंड ने लिया बदला
1987 Cricket World Cup के सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने भारत को मात दी। घरेलू परिस्थितियों के बावजूद भारतीय टीम लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी और खिताब की उम्मीदें टूट गईं।
2022: टी-20 में अंग्रेजों का दबदबा
2022 ICC Men’s T20 World Cup के सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने एकतरफा अंदाज में भारत को हराया। इस हार ने भारतीय टीम के अभियान को रोक दिया।
2024: फिर दोहराया 1983 वाला कमाल
2024 ICC Men’s T20 World Cup के सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को हराकर पुरानी हार का बदला लिया। इसके बाद फाइनल में South Africa national cricket team को हराकर भारत ने खिताब अपने नाम किया।
एक बार फिर साबित हुआ कि सेमीफाइनल में इंग्लैंड पर जीत भारत के लिए शुभ संकेत बनती है।
पांचवीं भिड़ंत: किसका होगा पलड़ा भारी?
अब दोनों टीमें बराबरी की स्थिति में हैं। यह मुकाबला केवल फाइनल में जगह बनाने का नहीं, बल्कि ICC इतिहास में बढ़त हासिल करने का भी है। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें एक और हाई-वोल्टेज सेमीफाइनल पर टिकी हैं।
इतिहास गवाह है—जब भी भारत ने इंग्लैंड को सेमीफाइनल में हराया है, ट्रॉफी भारत आई है। क्या इस बार भी वही कहानी दोहराई जाएगी?