प्रदेश में तापमान सामान्य से 2-4 डिग्री ज्यादा; बस्तर संभाग में तीन दिन गरज-चमक, बारिश और तेज हवाओं की संभावना
छत्तीसगढ़ में मार्च के पहले पखवाड़े में ही गर्मी का असर तेज होने लगा है। कई शहरों में तापमान सामान्य से ऊपर पहुंच गया है और Rajnandgaon में पारा 40 डिग्री तक दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों तक तापमान में विशेष बदलाव की संभावना नहीं है, हालांकि दक्षिणी क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
रायपुर। प्रदेश में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। कई शहरों में तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री तक अधिक दर्ज किया जा रहा है। सबसे अधिक गर्मी Rajnandgaon में देखने को मिली, जहां पारा 40 डिग्री तक पहुंच गया। राजधानी Raipur में भी तापमान 38 डिग्री के पार चला गया है, जिससे दोपहर के समय तेज धूप और उमस का असर महसूस किया जा रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों के दौरान तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि दक्षिण छत्तीसगढ़, खासकर Bastar division के कुछ हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल सकता है।
बस्तर में बारिश और तेज हवाओं के आसार
मौसम विभाग ने 13 से 15 मार्च के बीच बस्तर संभाग के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम में इस बदलाव के कारण तापमान में 3 से 5 डिग्री तक गिरावट आने की संभावना है।
झारखंड के सिस्टम का असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार Jharkhand क्षेत्र में बने मौसम तंत्र का असर दक्षिण छत्तीसगढ़ तक पहुंच रहा है। इसके कारण बस्तर क्षेत्र में बादल बनने और बारिश की स्थिति बन रही है।
बिहार से उत्तर छत्तीसगढ़ तक सक्रिय ट्रफ
मौसम विभाग के मुताबिक Bihar से झारखंड होते हुए उत्तर छत्तीसगढ़ तक समुद्र तल से करीब 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक ट्रफ (द्रोणिका) सक्रिय है। इस प्रणाली के कारण हवा का दबाव कम हो जाता है और विभिन्न दिशाओं से हवाएं इस क्षेत्र की ओर आकर्षित होती हैं।
क्या होती है ट्रफ लाइन
मौसम विज्ञान में ट्रफ लाइन कम दबाव का लंबा क्षेत्र होता है, जहां आसपास की तुलना में हवा का दबाव कम रहता है। इस कारण अलग-अलग दिशाओं से हवाएं यहां इकट्ठी होती हैं और ऊपर उठती हैं, जिससे बादल बनने, गरज-चमक और बारिश की संभावना बढ़ जाती है।