14 सूत्रीय प्रस्ताव की समीक्षा जारी, अमेरिकी राष्ट्रपति बोले- मौजूदा ड्राफ्ट स्वीकार्य दिख नहीं रहा
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि तेहरान ने कोई गलती की तो उस पर दोबारा सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, पाकिस्तान की मध्यस्थता में ईरान द्वारा भेजे गए 14 सूत्रीय प्रस्ताव पर अमेरिका विचार कर रहा है।
तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन (ए)। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। फ्लोरिडा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका इस समय मजबूत स्थिति में है, जबकि ईरान दबाव में है और समझौते की कोशिश कर रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि ईरान ने कोई गलती की तो उस पर फिर हमला किया जा सकता है।
ट्रम्प ने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर भी कहा कि पाकिस्तान की मध्यस्थता में ईरान की ओर से 14 सूत्रीय प्रस्ताव प्राप्त हुआ है, जिसका विस्तृत मसौदा आने का इंतजार है। अमेरिका इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है, हालांकि शुरुआती तौर पर यह स्वीकार्य नहीं लग रहा। उन्होंने कहा कि पिछले कई दशकों में ईरान ने दुनिया और मानवता के साथ जैसा व्यवहार किया है, उसकी पूरी कीमत अब तक नहीं चुकाई गई है।
पाकिस्तान बना मध्यस्थ
सूत्रों के मुताबिक, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 25 अप्रैल को पाकिस्तान दौरे के दौरान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की थी। इसी दौरान पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए यह प्रस्ताव अमेरिका तक पहुंचाया।
प्रस्ताव में क्या है खास
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह 14 सूत्रीय प्रस्ताव अमेरिका के 9 बिंदुओं वाले प्लान के जवाब में भेजा गया है। इसमें 30 दिनों के भीतर विवादित मुद्दों के समाधान, भविष्य में हमलों के खिलाफ गारंटी, क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी, ईरान की फ्रीज संपत्तियों को जारी करने और आर्थिक प्रतिबंध हटाने जैसी मांगें शामिल हैं।
इसके अलावा प्रस्ताव में युद्ध क्षतिपूर्ति, होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए नया तंत्र, अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करने और क्षेत्रीय संघर्ष खत्म करने का सुझाव भी दिया गया है। परमाणु कार्यक्रम पर अलग चरण में वार्ता का प्रस्ताव भी रखा गया है।
पिछले 24 घंटे के प्रमुख घटनाक्रम
फिर युद्ध की आशंका: ईरान के अधिकारी मोहम्मद जाफर असदी ने कहा कि अमेरिका से दोबारा युद्ध हो सकता है और ईरानी सेना इसके लिए तैयार है।
48 जहाजों ने बदला रास्ता: अमेरिका का दावा है कि पिछले 20 दिनों में 48 जहाजों ने दबाव के चलते ईरानी बंदरगाहों की बजाय अन्य मार्ग चुना।
होर्मुज खोलने की पेशकश: ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नए प्रस्ताव में पहले होर्मुज मार्ग खोलने और अमेरिकी नाकेबंदी हटाने की बात है।
16 अमेरिकी ठिकानों को नुकसान: CNN की जांच रिपोर्ट के अनुसार, संघर्ष के दौरान ईरान ने मध्य पूर्व के 8 देशों में स्थित 16 अमेरिकी ठिकानों को नुकसान पहुंचाया।
क्यूबा पर बयान: ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका चाहे तो तुरंत क्यूबा पर नियंत्रण कर सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे शक्ति प्रदर्शन वाला बयान माना है।