सड़क परिवहन मंत्रालय ने 2.5% बढ़ाई दरें, 52 लाख से अधिक हाईवे यूजर्स पर पड़ेगा असर
राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए 1 अप्रैल से फास्टैग एनुअल पास की कीमत बढ़ने जा रही है। सड़क परिवहन मंत्रालय ने सालाना समीक्षा के तहत पास की दरों में 2.5 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए इसकी कीमत 3,000 रुपये से बढ़ाकर 3,075 रुपये कर दी है।
नई दिल्ली (ए)। राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले निजी वाहन चालकों को अगले महीने से थोड़ा अधिक भुगतान करना होगा। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने फास्टैग (FASTag) एनुअल पास की कीमतों में 2.5 प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। इसके तहत अब वाहन मालिकों को सालाना पास के लिए 3,000 रुपये की जगह 3,075 रुपये चुकाने होंगे। नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी।
यह एनुअल पास कार चालकों को देशभर के लगभग 200 टोल प्लाजा पर बिना रुके यात्रा करने की सुविधा प्रदान करता है, जिससे हाईवे पर लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों को काफी सहूलियत मिलती है।
मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, जब इस योजना की शुरुआत की गई थी, तभी अधिसूचना में यह प्रावधान रखा गया था कि पास की कीमतों की हर साल समीक्षा की जाएगी। इसी प्रक्रिया के तहत इस वर्ष टोल दरों के निर्धारित फॉर्मूले के आधार पर 2.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस योजना को देशभर में अच्छा प्रतिसाद मिला है। अब तक 52 लाख से अधिक हाईवे यूजर्स इस एनुअल पास से जुड़ चुके हैं। इसकी एक बड़ी विशेषता यह भी है कि यूजर्स जरूरत के अनुसार इसे वर्षभर में कई बार रिचार्ज कर सकते हैं, जिससे यह नियमित रूप से हाईवे पर सफर करने वालों के लिए किफायती विकल्प बन जाता है।
वहीं मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जो वाहन मालिक बढ़ी हुई कीमत से बचना चाहते हैं, वे 31 मार्च तक अपना एनुअल पास रिचार्ज या नया पास खरीद सकते हैं। इस तारीख तक पास पुरानी दर 3,000 रुपये में ही उपलब्ध रहेगा। इसके बाद 1 अप्रैल से सिस्टम में नई दरें स्वतः लागू हो जाएंगी।