ग्लोबल संकेत कमजोर, निवेशकों की बिकवाली हावी; एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही प्रमुख सूचकांक दबाव में रहे, जहां ऑटो और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में भारी बिकवाली दर्ज की गई।
मुंबई (ए)। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स करीब 1100 अंकों की गिरावट के साथ 74,200 के स्तर तक लुढ़क गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी लगभग 350 अंक टूटकर 23,000 के आसपास कारोबार करता नजर आया।
सेंसेक्स के 30 में से 25 शेयर लाल निशान में रहे, जिससे बाजार में व्यापक बिकवाली का संकेत मिला। खास तौर पर ऑटोमोबाइल और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव देखा गया।
सेक्टोरल दबाव से बाजार कमजोर
ऑटो और बैंकिंग कंपनियों में निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे इन सेक्टर्स में गिरावट तेज रही। अन्य सेक्टर्स में भी मिश्रित रुख देखने को मिला, लेकिन प्रमुख इंडेक्स पर दबाव बना रहा।
एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख
गुरुवार को एशियाई बाजारों में मिश्रित कारोबार देखने को मिला। जापान और दक्षिण कोरिया के बाजारों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि हांगकांग और चीन के बाजारों में हल्की बढ़त देखी गई।
अमेरिकी बाजारों से भी नकारात्मक संकेत
इससे पहले बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे। डाउ जोन्स, नैस्डैक और S&P 500 तीनों प्रमुख सूचकांकों में कमजोरी रही, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। ब्रेंट क्रूड 99 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि भारतीय बास्केट में भी तेजी दर्ज की गई है, जिससे बाजार की धारणा प्रभावित हो रही है।
पिछले सत्र में थी जोरदार तेजी
इससे पहले 25 मार्च को बाजार में शानदार तेजी देखी गई थी। सेंसेक्स 1200 अंकों से अधिक उछलकर 75,273 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी भी 23,306 के स्तर तक पहुंच गया था। उस दिन ऑटो, बैंकिंग, मेटल और FMCG शेयरों में खरीदारी हावी रही थी।