वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से गैर-चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्रियों संग चर्चा; ईंधन, महंगाई और सप्लाई पर रहेगा फोकस
वैश्विक तनाव के बीच केंद्र सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। ईरान से जुड़े हालातों के असर को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश के कई मुख्यमंत्रियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी शामिल होंगे।
रायपुर। अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ अहम बैठक करने जा रहे हैं। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित होगी, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी वर्चुअली जुड़ेंगे।
ईरान से जुड़े मौजूदा संकट और उसके वैश्विक असर को देखते हुए इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में विशेष रूप से पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता, महंगाई पर संभावित दबाव, लॉजिस्टिक चेन और आवश्यक सेवाओं की सुचारू व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
गैर-चुनावी राज्यों के CM होंगे शामिल
इस बैठक में उन राज्यों के मुख्यमंत्री भाग लेंगे, जहां फिलहाल चुनाव नहीं हैं। इसका उद्देश्य विभिन्न राज्यों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर संभावित संकट से निपटने की रणनीति तैयार करना है।
लंबा खिंचा तो बढ़ सकते हैं असर
प्रधानमंत्री पहले ही संकेत दे चुके हैं कि यदि पश्चिम एशिया में जारी तनाव लंबा चलता है, तो इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था और आम जीवन पर पड़ सकता है। ऐसे में केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल बढ़ाना जरूरी माना जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के लिए अहम बैठक
छत्तीसगढ़ के संदर्भ में यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य को ईंधन आपूर्ति, महंगाई नियंत्रण और परिवहन व्यवस्था को लेकर सतर्क रहना होगा। मुख्यमंत्री साय इस दौरान राज्य की तैयारियों और स्थिति की जानकारी भी साझा कर सकते हैं।
पहले से अलर्ट पर राज्य सरकार
बैठक से पहले ही राज्य सरकार ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसी तरह की कमी की आशंका नहीं है।
अफवाहों से बचने की अपील
सरकार ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और घबराहट में ईंधन या गैस की अनावश्यक खरीदारी से बचें। साथ ही अधिकारियों को कालाबाजारी पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
समन्वय से निपटने की रणनीति
केंद्र सरकार का फोकस इस समय राज्यों के साथ मिलकर ऐसी रणनीति तैयार करना है, जिससे किसी भी संभावित संकट का असर आम जनता पर कम से कम पड़े।