‘ऑपरेशन कालचक्र’ के तहत हाईटेक निगरानी, संवेदनशील इलाकों में अपराधियों पर कड़ी नजर
रायपुर। राजधानी में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए पुलिस ने अब ड्रोन तकनीक का सहारा लिया है। नशे के कारोबारियों और असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसने के लिए शहर में ड्रोन पेट्रोलिंग शुरू की गई है।
रायपुर। राजधानी रायपुर में बढ़ते अपराधों और नशे के नेटवर्क पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने हाईटेक कदम उठाते हुए ड्रोन पेट्रोलिंग शुरू कर दी है। अब पुलिस जमीन के साथ-साथ आसमान से भी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है, जिससे अपराध नियंत्रण को नई मजबूती मिल रही है।
पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों के अनुसार यह विशेष अभियान पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन कालचक्र” के तहत संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखना है।
ड्रोन कैमरों की मदद से पुलिस संदिग्ध स्थानों और गतिविधियों की लाइव निगरानी कर रही है। इन हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों से न केवल स्थिति का आकलन किया जा रहा है, बल्कि आवश्यक साक्ष्य भी एकत्र किए जा रहे हैं, जिससे कार्रवाई को और सशक्त बनाया जा सके।
नॉर्थ जोन के खमतराई, उरला, गुढ़ियारी, पंडरी और खम्हारडीह थाना क्षेत्रों में विशेष रूप से ड्रोन तैनात किए गए हैं। इन इलाकों को नशे के अड्डों, भीड़भाड़ और संवेदनशील गतिविधियों के लिहाज से चिन्हित किया गया है, जहां अपराध की संभावना अधिक रहती है।
ड्रोन निगरानी के साथ-साथ पुलिस द्वारा पैदल और बाइक पेट्रोलिंग भी लगातार की जा रही है, जिससे दोहरी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित हो रही है। पुलिस का मानना है कि इस संयुक्त कार्रवाई से अपराधियों की पहचान आसान होगी और उन पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।
अभियान के तहत चाकूबाजी, अड्डेबाजी, निगरानी बदमाशों और फरार वारंटियों के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है। ड्रोन की मदद से उन स्थानों की भी निगरानी की जा रही है, जहां अक्सर अवैध गतिविधियां संचालित होती हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ड्रोन पेट्रोलिंग से अपराधियों में भय का माहौल बनेगा, वहीं आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना और विश्वास भी मजबूत होगा। आने वाले समय में इस तकनीकी अभियान को और व्यापक स्तर पर लागू करने की तैयारी की जा रही है।