असम के गठन के बाद सर्वाधिक मतदान, कई जिलों में 80% से ऊपर
पुडुचेरी में आजादी के बाद सबसे ज्यादा वोटिंग दर्ज
केरल में 39 साल में दूसरी सबसे बड़ी भागीदारी
बढ़ती जनसक्रियता ने चुनावी माहौल को बनाया ऐतिहासिक
विधानसभा चुनावों के दौरान असम, केरल और पुडुचेरी में मतदाताओं ने अभूतपूर्व उत्साह दिखाया। तीनों क्षेत्रों में रिकॉर्ड या करीब रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया, जिससे लोकतंत्र में जनता की बढ़ती भागीदारी का स्पष्ट संकेत मिला है।
गुवाहाटी/तिरुवनंतपुरम/पुडुचेरी (ए)। देश के पूर्वोत्तर राज्य असम, दक्षिण भारत के केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में गुरुवार को हुए विधानसभा चुनाव में मतदाताओं ने रिकॉर्ड स्तर पर मतदान कर नया इतिहास रच दिया।
असम में कुल 85.91 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो 1950 में राज्य के गठन के बाद अब तक का सर्वाधिक है। इससे पहले वर्ष 2016 में 84.7 प्रतिशत मतदान हुआ था। राज्य के 35 में से 26 से अधिक जिलों में 80 प्रतिशत से ज्यादा मतदान दर्ज किया गया। सबसे अधिक 95.56 प्रतिशत वोटिंग साउथ सलमारा मनकचर जिले में हुई, जबकि सबसे कम 75.25 प्रतिशत मतदान वेस्ट कार्बी आंगलॉन्ग में दर्ज किया गया।
राज्य की 126 विधानसभा सीटों पर 41 राजनीतिक दलों के 722 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनकी किस्मत का फैसला मतपेटियों में बंद हो चुका है।
इस बीच, असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने बढ़े हुए मतदान प्रतिशत को लेकर कहा कि इस बार विभिन्न समुदायों के बीच मतदान को लेकर प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। उन्होंने बताया कि जहां पारंपरिक रूप से अधिक मतदान करने वाले वर्ग ने सक्रियता दिखाई, वहीं अन्य वर्गों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे कुल मतदान प्रतिशत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
उधर, केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में 89.87 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो स्वतंत्रता के बाद का सर्वाधिक स्तर है। इससे पहले 2006, 2011 और 2016 के विधानसभा चुनावों में करीब 85 प्रतिशत मतदान हुआ था। वहीं केरल में 78.27 प्रतिशत मतदान हुआ, जो वर्ष 1987 के बाद का दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। उस समय राज्य में 80.54 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।
हालांकि, चुनाव आयोग द्वारा अंतिम आंकड़े जारी किए जाने बाकी हैं, लेकिन प्रारंभिक रुझान यह संकेत दे रहे हैं कि इस बार मतदाताओं की सक्रियता ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूत किया है।