12 हजार करोड़ की लागत से बना इकोनॉमिक कॉरिडोर, सफर होगा ढाई घंटे में पूरा
एशिया के सबसे लंबे वाइल्डलाइफ कॉरिडोर का भी उद्घाटन
कांग्रेस ने उठाई नामकरण की मांग, विरोध प्रदर्शन भी हुआ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को बड़ी बुनियादी सौगात देते हुए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के वाइल्डलाइफ कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इस दौरान सहारनपुर में उनके रोड शो ने जहां माहौल को उत्साहपूर्ण बनाया, वहीं कांग्रेस ने एक्सप्रेसवे के नामकरण को लेकर सियासी सवाल भी खड़े किए।
देहरादून (ए)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड दौरे के दौरान मंगलवार को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे चर्चा के केंद्र में रहा। करीब 213 किलोमीटर लंबा और छह लेन वाला यह एक्सेस कंट्रोल्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर लगभग 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है, जो दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को तेज रफ्तार से जोड़ता है।
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच की यात्रा अवधि छह घंटे से घटकर लगभग ढाई घंटे रह जाएगी, जिससे पर्यटन, व्यापार और आवागमन को बड़ी गति मिलने की उम्मीद है।
अपने दौरे की शुरुआत में प्रधानमंत्री सुबह देहरादून पहुंचे, जहां से वे उत्तर प्रदेश के सहारनपुर रवाना हुए। सहारनपुर में आयोजित रोड शो के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने एक्सप्रेसवे पर बने एशिया के सबसे लंबे वाइल्डलाइफ कॉरिडोर का निरीक्षण किया, जिसे पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से अहम माना जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने मां डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद भी लिया।
इधर, इस दौरे के दौरान सियासी हलचल भी देखने को मिली। देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘मोदी गो बैक’ के नारे लगाए। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी जौलीग्रांट एयरपोर्ट की ओर बढ़ रहे थे, जहां वे प्रधानमंत्री को क्षेत्रीय समस्याओं से जुड़ा ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें कोतवाली के पास ही रोक दिया।
वहीं कांग्रेस ने एक्सप्रेसवे के नामकरण को लेकर भी मांग उठाई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस परियोजना का नाम बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर रखा जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री के इस दौरे को जहां विकास परियोजनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, वहीं राजनीतिक प्रतिक्रियाओं ने इसे और अधिक चर्चा का विषय बना दिया है।