जशपुर के तपकरा में पुलिस की नाकाबंदी में बड़ी कार्रवाई
ड्राइवर, कंडक्टर और खलासी गिरफ्तार, एनडीपीएस एक्ट के तहत केस
बिहार से रायगढ़ तक फैला था तस्करी का नेटवर्क
छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जशपुर जिले के तपकरा क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान एक यात्री बस से भारी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद किया गया, जिसे तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था।
जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पुलिस ने अवैध नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए एक बड़ी तस्करी का खुलासा किया है। तपकरा थाना क्षेत्र में की गई नाकाबंदी के दौरान एक सवारी बस से 480 बोतल प्रतिबंधित कफ सिरप जब्त की गई है। इस मामले में बस के ड्राइवर, कंडक्टर और खलासी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, 10 अप्रैल की रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जशपुर से रायगढ़ की ओर जा रही एक बस में अवैध कफ सिरप की खेप ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए तपकरा थाने के सामने मुख्य मार्ग पर नाकाबंदी कर संदिग्ध बस को रोका।
तलाशी के दौरान बस की डिक्की से दो बैग में रखे चार कार्टून बरामद हुए। इन कार्टूनों में 100-100 मिलीलीटर की कुल 480 बोतल ‘ऑनरेक्स’ कफ सिरप पाई गई, जिसमें कोडीन फॉस्फेट और ट्राइपोलिडिन हाइड्रोक्लोराइड जैसे नशीले तत्व मौजूद हैं। जब्त की गई करीब 48 लीटर कफ सिरप की कीमत लगभग 96 हजार 720 रुपये आंकी गई है।
शुरुआत में बस में मौजूद आरोपियों ने इस खेप से अनभिज्ञता जताई, लेकिन पुलिस की सख्त पूछताछ के बाद उन्होंने तस्करी की बात स्वीकार कर ली। आरोपियों ने बताया कि यह नशीली दवा बिहार के गया से लाकर रायगढ़ में खपाने के लिए ले जाई जा रही थी।
पुलिस ने इस मामले में बसंत पटेल (कंडक्टर), सतीश कुमार चौहान (खलासी) और भोला राम (ड्राइवर) को गिरफ्तार किया है। तीनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(C) के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। तस्करी में इस्तेमाल की गई बस को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में तस्करी के पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और इससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य आरोपियों तक भी पहुंच बनाई जाएगी।