700 नागरिकों ने चुनाव आयोग से की शिकायत, ममता और राहुल के बयान से सियासत गरमाई
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले प्रवर्तन एजेंसियों की सख्ती और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ने माहौल को गरमा दिया है। एक ओर बड़ी मात्रा में कैश और कीमती सामान जब्त हुआ है, वहीं प्रधानमंत्री के संबोधन को लेकर आचार संहिता उल्लंघन का विवाद भी खड़ा हो गया है।
कोलकाता/चेन्नई (ए)। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने राज्यभर में व्यापक कार्रवाई करते हुए 1,200 करोड़ रुपए से अधिक की नकदी, सोना-चांदी, फ्रीबीज, शराब और ड्रग्स जब्त किए हैं। जब्त सामग्री में करीब 169.85 करोड़ रुपए नकद और 650.87 करोड़ रुपए के सोना-चांदी शामिल हैं, जो चुनावी सख्ती को दर्शाता है।
इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 18 अप्रैल को महिला आरक्षण बिल पर दिए गए संबोधन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। 700 से अधिक नागरिकों ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर इसे आदर्श आचार संहिता (MCC) का उल्लंघन बताया है।
शिकायतकर्ताओं में पूर्व नौकरशाह, सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार शामिल हैं। उनका आरोप है कि यह संबोधन दूरदर्शन, संसद टीवी और ऑल इंडिया रेडियो जैसे सरकारी माध्यमों से प्रसारित हुआ, जो चुनाव के दौरान पक्षपातपूर्ण प्रचार की श्रेणी में आता है। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की है कि यदि इस प्रसारण की अनुमति दी गई थी, तो अन्य राजनीतिक दलों को भी समान अवसर मिलना चाहिए।
राजनीतिक मोर्चे पर भी बयानबाजी तेज हो गई है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री चुनाव प्रचार के लिए सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग कर रहे हैं। वहीं राहुल गांधी ने तमिलनाडु में भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी अन्य राज्यों की तरह यहां भी ‘रिमोट कंट्रोल’ सरकार बनाना चाहती है।
इधर, मद्रास हाई कोर्ट ने TVK प्रमुख विजय के खिलाफ दायर याचिका पर चुनाव आयोग और आयकर विभाग को नोटिस जारी किया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अलग-अलग सीटों के हलफनामों में उनकी संपत्ति के आंकड़ों में करीब 100 करोड़ रुपए का अंतर है।
चुनावी माहौल के बीच लगातार हो रही कार्रवाई और बढ़ते आरोप-प्रत्यारोप से तमिलनाडु की सियासत और अधिक गरमा गई है।