अमेरिका-ईरान तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से दबाव; आईटी और फार्मा शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
वैश्विक तनाव और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के चलते शुक्रवार को शेयर बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई। आईटी और फार्मा सेक्टर में भारी बिकवाली के कारण सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक दबाव में रहे।
मुंबई (ए)। अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के असर से घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार, 24 अप्रैल को जोरदार गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स करीब 900 अंक टूटकर 76,800 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी भी 250 अंकों की गिरावट के साथ 23,930 तक फिसल गया।
बाजार में सबसे ज्यादा दबाव आईटी और फार्मा सेक्टर में रहा। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 1000 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जो लगभग 3.30% की कमजोरी दर्शाता है। इसके अलावा फार्मा, मेटल और मीडिया सेक्टर भी लाल निशान में रहे।
गिरावट की प्रमुख वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ी अस्थिरता, खासकर ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ को लेकर चिंता ने वैश्विक बाजारों में भी दबाव बनाया है। कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है।
आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी इंफोसिस के शेयर में भी चौथी तिमाही के नतीजों के बाद 4% से ज्यादा की गिरावट देखी गई, जिससे पूरे सेक्टर पर असर पड़ा। हालांकि कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर बढ़ा है, लेकिन बाजार की उम्मीदों पर खरा न उतर पाने से शेयर दबाव में आ गया।
एशियाई बाजारों में भी मिलाजुला रुख रहा। जापान का निक्केई हल्की बढ़त में रहा, जबकि हांगकांग और दक्षिण कोरिया के बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं, अमेरिकी बाजारों में भी पिछले कारोबारी दिन कमजोरी देखने को मिली थी।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने बाजार की गिरावट को और गहरा किया है। 23 अप्रैल को ही विदेशी निवेशकों ने करीब 3,200 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। इस महीने अब तक उनकी कुल बिकवाली 47 हजार करोड़ रुपए के पार पहुंच चुकी है।
गौरतलब है कि एक दिन पहले भी बाजार में गिरावट रही थी, जब सेंसेक्स 852 अंक टूटकर 77,664 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 24,173 के स्तर पर आ गया था। लगातार दूसरे दिन की गिरावट से निवेशकों में सतर्कता बढ़ गई है।