सक्ती और जांजगीर-चांपा में केंद्रीय उड़नदस्ता दल की कार्रवाई, रेत घाटों पर औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप
छत्तीसगढ़ सरकार ने अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता दल और जिला स्तरीय संयुक्त टीम ने सक्ती व जांजगीर-चांपा जिले में रातभर औचक निरीक्षण कर चार मशीनें जब्त कीं। सरकार ने साफ किया है कि खनिज संपदा की लूट किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रायपुर। खनिज संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ में अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने निगरानी और कार्रवाई दोनों को तेज कर दिया है। प्रदेश के विकास में खनिज राजस्व की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक संसाधनों के दोहन में किसी भी प्रकार की अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। इसी कड़ी में प्रदेशभर में लगातार निरीक्षण अभियान चलाए जा रहे हैं।
संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म, इंद्रावती भवन नया रायपुर के केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता दल तथा जिला स्तरीय संयुक्त जांच टीम ने संचालक खनिज के निर्देश पर 24 और 25 अप्रैल की रात एवं सुबह औचक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान सक्ती और जांजगीर-चांपा जिले के स्वीकृत रेत घाटों की जांच की गई।
सक्ती जिले के घुरघट्टी, डोटमा, मरघट्टी, मिरौनी, सकराली, किकिरदा, देवरीमठ और करही रेत खदानों में निरीक्षण के दौरान उत्खनन एवं परिवहन कार्य बंद मिला। अधिकारियों ने इसे नियमों के पालन की स्थिति बताया।
वहीं जांजगीर-चांपा जिले में मध्यरात्रि के समय हसदेव नदी के हथनेवरा घाट क्षेत्र में अवैध रूप से मशीनों से उत्खनन करते दो चैन माउंटेन मशीनें पकड़ी गईं। उड़नदस्ता दल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों मशीनों को जब्त कर लिया। इसके अलावा ग्राम नवापारा में भी दो एक्सकेवेटर मशीनें जब्त की गईं, जिन्हें अग्रिम आदेश तक कोटवार की सुपुर्दगी में रखा गया है।
कुल चार मशीनों की जब्ती कर प्रकरण दर्ज किया गया है। संबंधित मामलों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 तथा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 71 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार ने दो टूक कहा है कि खनिज संसाधनों की अवैध लूट पर कड़ा प्रहार जारी रहेगा। अवैध खनन में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। केंद्रीय उड़नदस्ता दल और जिला टास्क फोर्स को राज्यभर में लगातार निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले दिनों में ऐसे अभियान और तेज किए जाएंगे।
कार्रवाई में संयुक्त संचालक (खनि प्रशासन) भूपेंद्र चंद्राकर, खनि अधिकारी हीरादास भारद्वाज सहित जिला स्तरीय टीम के अधिकारी मौजूद रहे।