सरेंडर नक्सलियों की सूचना पर सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, वायरलेस सेट, ग्रेनेड और लैपटॉप समेत भारी मात्रा में सामग्री जब्त
सुकमा जिले में सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने नक्सलियों द्वारा जंगलों में छिपाकर रखे गए चार डंप बरामद किए हैं। कार्रवाई में हथियार, विस्फोटक, वायरलेस सेट, लैपटॉप और नक्सली उपयोग की कई सामग्री जब्त की गई है।
सुकमा। सुकमा जिले में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अलग-अलग स्थानों से नक्सली डंप बरामद किए हैं। बरामद सामग्री में हथियार, विस्फोटक, बीजीएल सेल, वायरलेस सेट, लैपटॉप और अन्य नक्सली उपयोग की सामग्री शामिल है। पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई पूर्व में सक्रिय रहे और अब आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से मिले इनपुट के आधार पर की गई।
सुरक्षाबलों ने थाना कुकानार, चिंतलनार और चिंतागुफा क्षेत्र के जंगल-पहाड़ी इलाकों में संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया। अभियान में शामिल सभी जवान सुरक्षित लौट आए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 17 मई को थाना कुकानार क्षेत्र के ग्राम गादम के जंगलों में डीएसपी रविकांत सहारे के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने सर्चिंग के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की। कार्रवाई में 42 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 8 कंट्रीमेड हैंड ग्रेनेड, 4 हैंड ग्रेनेड और लगभग 10 किलो जिलेटिन पाउडर सहित अन्य सामान जब्त किया गया।
इसके बाद 21 मई को थाना चिंतलनार क्षेत्र के तुमालपारा जंगल में कोबरा और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 8 भरमार बंदूक, 3 बीजीएल सेल, एक ग्रेनेड, वायरलेस सेट और करीब 6.6 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद की।
वहीं 23 मई को चिंतलनार इलाके के नागाराम जंगल से एके-47 के 29 राउंड, डेटोनेटर, वर्दी कपड़ा और दैनिक उपयोग की सामग्री जब्त की गई। शनिवार को थाना चिंतागुफा क्षेत्र के ईरापल्ली जंगल में चलाए गए सर्च ऑपरेशन में भी नक्सलियों का एक और डंप मिला। यहां से लैपटॉप, मोटोरोला और आईकॉम वायरलेस सेट, सुतली बम, स्टील बॉल बेयरिंग, कॉपर वायर, नक्सली झंडे और अन्य सामग्री बरामद की गई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने की मंशा से इन सामग्रियों को जंगलों में छिपाकर रखा था। लगातार चलाए जा रहे सर्च अभियान के जरिए ऐसे डंप को चिन्हित कर निष्क्रिय किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई से नक्सलियों की गतिविधियों और उनकी रणनीतिक तैयारियों को बड़ा झटका लगा है।