निफ्टी 23,350 के पार पहुंचा; मेटल, बैंकिंग और रियल्टी शेयरों में खरीदारी, ईरान-अमेरिका समझौते की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा बढ़ा
घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को मजबूत वैश्विक संकेतों का असर देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 700 अंकों से अधिक उछल गया, जबकि निफ्टी भी 23,350 के स्तर के करीब पहुंच गया। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और ईरान-अमेरिका के बीच संभावित समझौते की खबरों से निवेशकों की धारणा मजबूत हुई, जिसका असर भारतीय बाजार समेत एशियाई बाजारों में भी दिखाई दिया।
मुंबई (ए)। सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स करीब 700 अंक की बढ़त के साथ 74,550 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी लगभग 200 अंक मजबूत होकर 23,350 के स्तर तक पहुंच गया।
बाजार में सबसे ज्यादा खरीदारी मेटल, बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में देखी गई। सकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते निवेशकों ने चुनिंदा क्षेत्रों में जमकर खरीदारी की, जिससे प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली। कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स करीब एक हजार अंक और निफ्टी लगभग 300 अंक की बढ़त के साथ खुला था।
विश्लेषकों के अनुसार बाजार में तेजी की प्रमुख वजह पश्चिम एशिया से जुड़ी सकारात्मक खबरें हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व ने एक नए समझौते को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा और समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को भी खोल दिया जाएगा। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी ईरान की ओर से नहीं हुई है, लेकिन इससे वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की धारणा मजबूत हुई है।
एशियाई बाजारों में भी जोरदार तेजी दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक आठ प्रतिशत से अधिक उछल गया, जबकि जापान के निक्केई और हांगकांग के हैंगसेंग में भी उल्लेखनीय बढ़त देखने को मिली। अमेरिकी बाजारों में भी पिछले कारोबारी सत्र में मजबूत तेजी दर्ज की गई थी, जिससे निवेशकों का मनोबल बढ़ा।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने हालांकि पिछले कारोबारी सत्र में भारतीय बाजार से निकासी जारी रखी और करीब 1,987 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 4,225 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया।
उल्लेखनीय है कि गुरुवार को बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 74,394 के उच्च स्तर तक पहुंचा, लेकिन बाद में मुनाफावसूली के दबाव में यह फिसल गया और अंततः 150 अंकों की गिरावट के साथ 73,833 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 53 अंक कमजोर होकर 23,162 के स्तर पर बंद हुआ था।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होता है और विदेशी निवेशकों की बिकवाली पर अंकुश लगता है, तो आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार में तेजी का रुख बरकरार रह सकता है।