मनरेगा कार्य के दौरान पेड़ के नीचे खड़े थे मजदूर, पांच लोग झुलसे; प्रदेशभर में अंधड़, बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी
छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक से पहले मौसम का मिजाज खतरनाक होता जा रहा है। कांकेर जिले के अंतागढ़ क्षेत्र में शुक्रवार सुबह आकाशीय बिजली गिरने से उपसरपंच समेत तीन ग्रामीणों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। घटना उस समय हुई जब मनरेगा कार्य के दौरान मजदूर बारिश और तेज हवाओं से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे खड़े थे। मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले 48 से 72 घंटों के दौरान अंधड़, बारिश और वज्रपात की आशंका जताते हुए सतर्क रहने की अपील की है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून पूर्व गतिविधियां तेज होने के साथ ही मौसम का असर जनजीवन पर दिखाई देने लगा है। कांकेर जिले के अंतागढ़ क्षेत्र में शुक्रवार सुबह आकाशीय बिजली गिरने की दर्दनाक घटना में उपसरपंच समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग झुलस गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार, अंतागढ़ क्षेत्र में मनरेगा कार्य के दौरान अचानक मौसम खराब हो गया। तेज हवाओं और बारिश के बीच मजदूर पास के एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए। इसी दौरान आकाशीय बिजली पेड़ पर गिर गई, जिसकी चपेट में कई लोग आ गए। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रदेश में पिछले दो दिनों से मौसम तेजी से बदल रहा है। गुरुवार शाम राजधानी रायपुर में तेज आंधी और बारिश हुई, जबकि सरगुजा, कोरबा और आसपास के क्षेत्रों में झमाझम वर्षा दर्ज की गई। बारिश और बादलों की वजह से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है। कई इलाकों में अधिकतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस तक कम हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमीय तंत्र, उत्तर भारत में बने चक्रवाती परिसंचरण और सक्रिय द्रोणिका के प्रभाव से प्रदेश में नमी लगातार बढ़ रही है। यही कारण है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के छत्तीसगढ़ में प्रवेश के लिए परिस्थितियां तेजी से अनुकूल बन रही हैं। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में मानसून प्रदेश में दस्तक दे सकता है।
पिछले 24 घंटों के दौरान राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि अधिकांश जिलों में बादल छाने और बारिश की गतिविधियां बढ़ने से गर्मी से कुछ राहत मिली है।
मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी प्रदेश के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज अंधड़ और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
राजधानी रायपुर में दिनभर बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश तथा धूलभरी आंधी चलने की संभावना जताई गई है। यहां अधिकतम तापमान 41 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।