प्रदेशभर में गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश के आसार, जून में सामान्य से 65 फीसदी कम बरसा पानी
छत्तीसगढ़ में पिछले कई दिनों से धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहा मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने अगले सात दिनों तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। मानसून की सक्रियता से किसानों और आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है, क्योंकि जून महीने में इस बार बारिश सामान्य से काफी कम दर्ज की गई है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून ने आखिरकार रफ्तार पकड़ ली है और 30 जून तक प्रदेश के सभी हिस्सों में अपनी दस्तक दे दी है। मौसम विभाग के अनुसार आज से पूरे राज्य में मौसम का मिजाज बदलने वाला है और अगले एक सप्ताह तक कई जिलों में लगातार बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों ने प्रदेश के कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बीते 24 घंटों के दौरान सरगुजा और बस्तर संभाग के कुछ इलाकों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि अन्य क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ीं। अब मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने के बाद बारिश की तीव्रता और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार जून महीने में मानसून की शुरुआत अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 30 जून तक प्रदेश में औसतन 188 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 66.2 मिमी वर्षा ही रिकॉर्ड की गई है। इस तरह राज्य में करीब 121.8 मिमी कम बारिश हुई है, जो सामान्य से लगभग 65 प्रतिशत कम है।
हालांकि मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अब मानसून के पूरे प्रदेश में फैलने के बाद आगामी दिनों में अच्छी बारिश से इस कमी की भरपाई होने की संभावना है। इससे खेती-किसानी और जलस्रोतों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।