मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में भारी बारिश के बीच राहत एवं बचाव अभियान तेज।
देश के कई राज्यों में मानसून ने विकराल रूप धारण कर लिया है। महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और अरुणाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कहीं इमारतें ढह रही हैं, तो कहीं बाढ़ और जलभराव से हालात गंभीर बने हुए हैं। राहत एवं बचाव दल प्रभावित इलाकों में लगातार अभियान चला रहे हैं।
भोपाल/जयपुर/पटना/अहमदाबाद/मुंबई। देशभर में सक्रिय मानसून ने कई राज्यों में भारी तबाही मचाई है। लगातार हो रही तेज बारिश से महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पूर्वोत्तर के राज्यों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर इमारतें ढहने, सड़कें धंसने, बाढ़ और बिजली गिरने जैसी घटनाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
पुणे में कचरे का पहाड़ बना जानलेवा
महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवाड़ क्षेत्र में भारी बारिश के बीच कचरे का विशाल ढेर एक तीन मंजिला इमारत पर जा गिरा, जिससे पूरी इमारत ढह गई। हादसे में करीब 16 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई गई है। राहत एवं बचाव दल मौके पर लगातार अभियान चला रहे हैं और मलबा हटाने का कार्य जारी है।

सूरत में रिकॉर्डतोड़ बारिश, शहर बाढ़ में घिरा
गुजरात के सूरत में महज 36 घंटे में 11 से 19 इंच तक बारिश दर्ज की गई, जिससे 1941 का 85 वर्ष पुराना वर्षा रिकॉर्ड टूट गया। लगातार बारिश से शहर के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। एक शॉपिंग मॉल की पूरी मंजिल पानी में डूब गई, जबकि करंट लगने, पेड़ गिरने और आकाशीय बिजली की घटनाओं में 9 लोगों की मौत हो गई। प्रशासन ने 3,400 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
जबलपुर में इमारत गिरी, राजस्थान में भी हादसे
मध्य प्रदेश के जबलपुर में पांच मंजिला इमारत ढहने से दहशत फैल गई। वहीं राजस्थान के जालोर में नदी पार करते समय एक जीप पलट गई, जबकि चित्तौड़गढ़ में आकाशीय बिजली गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई।
गुरुग्राम में हाईवे धंसा, लंबा ट्रैफिक जाम
हरियाणा के गुरुग्राम में भारी बारिश के कारण दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-48) का एक हिस्सा धंस गया, जिससे करीब 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। कई इलाकों में दो-दो फीट तक पानी भर गया। एक स्कूल बस भी नाले में फंस गई। हालात को देखते हुए पुलिस ने निजी कंपनियों से कर्मचारियों को कुछ दिनों तक वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने की अपील की है।
अरुणाचल में बाढ़ और भूस्खलन का संकट
पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश के 26 जिलों में बाढ़ और भूस्खलन से 94 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। अब तक 4 लोगों की मौत, 21 लोगों के घायल होने और दो महिलाओं के लापता होने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में जुटा हुआ है।
दक्षिण भारत में भी असर
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए कर्नाटक के बेलगावी और शिवमोगा जिलों में एहतियातन स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने का फैसला लिया गया है। लगातार सक्रिय मानसून को देखते हुए मौसम विभाग ने कई राज्यों में आगामी दिनों के लिए भी भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की है।