राजनांदगांव पुलिस की कार्रवाई, धोखाधड़ी और अमानत में खयानत के मामले में दोनों आरोपियों को भेजा गया जेल; पीड़ित परिवार की जमीन कथित तौर पर अपने नाम कराई
राजनांदगांव में गिरवी रखी गई जमीन को कथित तौर पर धोखाधड़ी से अपने नाम कराने और ब्लैंक चेक व कोरे कागजों का दुरुपयोग कर पीड़ित परिवार को ब्लैकमेल करने के मामले में पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर अवैध वसूली, धमकी देने और फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन हड़पने जैसे गंभीर आरोप हैं।
राजनांदगांव। सिटी कोतवाली पुलिस ने गिरवी रखी गई कृषि भूमि को कथित तौर पर फर्जी तरीके से अपने नाम कराने और पीड़ित परिवार से अवैध वसूली करने के मामले में दो सगे भाइयों निर्मलचंद कोठारी (58) और नलिन कोठारी (54) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, धमकी और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस के अनुसार, मामले की शिकायत रोहित कुमार साहू (46) निवासी पारीकला ने 26 जुलाई को दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2021 में उनके पिता आनंद राम साहू ने आर्थिक जरूरत के चलते अपनी 40 डिसमिल कृषि भूमि गिरवी रखकर ₹5.11 लाख का ऋण लिया था। सुरक्षा के नाम पर आरोपियों ने परिवार के सदस्यों से ब्लैंक चेक और कोरे कागजों पर हस्ताक्षर भी करवा लिए थे।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कथित रूप से इन दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हुए गिरवी रखी जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली। इसके बाद तय ब्याज दर से अधिक रकम की मांग की गई और परिवार पर लगातार आर्थिक दबाव बनाया गया। शिकायत के मुताबिक, रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी जाती थी।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने ब्लैंक चेक का उपयोग कर उसे बाउंस कराया और अपने पक्ष में एक फर्जी किरायानामा तैयार कर अदालत में मामला भी दर्ज कराया, ताकि पीड़ित परिवार पर कानूनी दबाव बनाया जा सके।
शिकायत के अनुसार, मूल ऋण राशि का भुगतान किए जाने के बाद भी आरोपियों ने पूरी जमीन वापस नहीं लौटाई। आरोप है कि उन्होंने बैंक से ₹20 लाख का फाइनेंस करवाकर राशि अपने पास रख ली और केवल 12 डिसमिल भूमि लौटाई, जबकि शेष 28 डिसमिल जमीन पर कब्जा बनाए रखा। जमीन वापस करने के बदले अतिरिक्त रकम की मांग भी की जाती रही।
पुलिस ने प्रारंभिक जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मामले की विवेचना जारी है और पुलिस अन्य दस्तावेजों व वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है।