उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में लैंडस्लाइड से सड़कें बंद, कई इलाकों में बाढ़ और कटाव का खतरा बढ़ा; हरिद्वार में युवक को SDRF ने बचाया
भोपाल (ए)। देश के कई हिस्सों में मानसून ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। भारतीय मौसम विभाग ने गुरुवार को राजस्थान सहित 16 राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जिलों में सुबह हुए भूस्खलन के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ, जबकि गौरीकुंड के पास मलबा आने से केदारनाथ ट्रैकिंग मार्ग अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया और श्रद्धालुओं की आवाजाही रोक दी गई।
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और बोल्डर गिरने की घटनाएं बढ़ गई हैं। रुद्रप्रयाग जिले में सिल्ली के पास मलबा आने से राष्ट्रीय राजमार्ग कुछ समय के लिए बाधित रहा। पेट्रोल पंप के समीप पहाड़ी से गिरे बड़े बोल्डर की चपेट में एक कार आ गई, हालांकि किसी बड़े जनहानि की सूचना नहीं है।
हरिद्वार में गंगा के तेज बहाव में बहने से बचा युवक
हरिद्वार में गंगाजल भरने के दौरान एक युवक तेज धारा में बहने लगा। घाट पर तैनात राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
उत्तर प्रदेश में नदियों का कटाव तेज, गांवों पर खतरा
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में सरयू नदी का कटाव तेजी से बढ़ने से कई गांवों पर संकट गहरा गया है। नदी का पानी आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच गया, जिससे 100 से अधिक परिवार सुरक्षित स्थानों पर चले गए। दो मकान नदी में समा गए हैं और कई अन्य मकानों के नीचे की जमीन बह चुकी है। गोंडा जिले में घाघरा नदी का जलस्तर घटने के बावजूद कटाव और तेज हो गया है, जिससे बड़ी मात्रा में कृषि भूमि और पेड़ नदी में समा गए।
जम्मू-कश्मीर में स्कूल की दीवार गिरी, कारगिल-लेह हाईवे बंद
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में भारी बारिश के कारण एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय की दीवार ढह गई। वहीं अक्चमल क्षेत्र के पास हुए भूस्खलन से कारगिल-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया, जिसके चलते वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई है।
प्रशासन सतर्क, यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के दौरान पहाड़ी राज्यों और उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में तेज बारिश, भूस्खलन और जलभराव की आशंका जताई है। प्रशासन ने यात्रियों और श्रद्धालुओं से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है.