यातायात पुलिस का दावा- अनुशासन और ट्रैफिक प्रबंधन होगा बेहतर, नागरिकों ने उठाए सड़क, जलभराव और अधूरी व्यवस्थाओं पर सवाल
बिलासपुर। शहर में यातायात व्यवस्था को अधिक अनुशासित और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से ट्रैफिक पुलिस ने सभी प्रमुख सिग्नलों के संचालन का समय बढ़ा दिया है। अब शहर के ट्रैफिक सिग्नल प्रतिदिन सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक संचालित रहेंगे। नियमों के उल्लंघन पर इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के माध्यम से ऑनलाइन चालान जारी किए जाएंगे। हालांकि इस निर्णय को लेकर शहरवासियों ने सड़क, जलभराव और अधूरी ट्रैफिक सुविधाओं का हवाला देते हुए कई सवाल भी खड़े किए हैं।
आईटीएमएस से होगी निगरानी, नियम तोड़ने पर ऑनलाइन चालान
यातायात पुलिस के अनुसार नई व्यवस्था लागू होने के बाद निर्धारित समय के दौरान सभी सक्रिय ट्रैफिक सिग्नलों पर वाहन चालकों को नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। सिग्नल जंप करने या अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन की स्थिति में आईटीएमएस के माध्यम से ऑनलाइन चालान सीधे वाहन स्वामी के मोबाइल पर भेजे जाएंगे।
स्मार्ट ट्रैफिक व्यवस्था का दावा, नागरिकों ने उठाए सवाल
स्मार्ट सिटी और यातायात विभाग का कहना है कि सिग्नलों के संचालन की अवधि बढ़ाने से लोगों में ट्रैफिक अनुशासन विकसित होगा और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगेगा। वहीं नागरिकों का कहना है कि शहर के कई चौराहों पर अभी भी सड़कें संकरी हैं, लेफ्ट फ्री टर्न की व्यवस्था नहीं है और स्टॉप लाइन तक स्पष्ट नहीं दिखाई देती। ऐसे में पहले बुनियादी सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए।
बारिश और जलभराव से बढ़ सकती है परेशानी
शहर के कई प्रमुख मार्ग बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से जूझते हैं। हालिया बारिश में श्रीकांत वर्मा मार्ग और सीएमडी चौक जैसे प्रमुख सिग्नल प्वाइंट पानी में डूब गए थे। ऐसे में वाहन चालकों को जलभराव के बीच भी सिग्नल पर रुकना पड़ेगा, जिससे परेशानी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
37 सिग्नल, लेकिन पर्याप्त स्टाफ नहीं
शहर में नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत कुल 37 ट्रैफिक सिग्नल स्थापित किए गए हैं, जिनमें अधिकांश वर्तमान में संचालित हैं। संयुक्त सर्वे में 68 ट्रैफिक प्वाइंट चिन्हित किए गए हैं, जबकि प्रत्येक प्वाइंट पर दो-दो जवानों की आवश्यकता के अनुसार 136 पुलिसकर्मियों की जरूरत है। वर्तमान में यातायात पुलिस के पास केवल 121 अधिकारी और जवान उपलब्ध हैं, जबकि विभाग में कुल 82 पद रिक्त हैं।
‘मेट्रो शहरों की तर्ज पर व्यवस्था’ : ट्रैफिक पुलिस
एडिशनल एसपी ट्रैफिक रामगोपाल करियारे ने बताया कि सुबह के समय स्टंटबाजी और बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए सिग्नलों के संचालन का समय बढ़ाया गया है। उनके अनुसार महानगरों की तरह यातायात अनुशासन विकसित करने और बढ़ते ट्रैफिक लोड को नियंत्रित करने के लिए यह व्यवस्था आवश्यक है। वहीं शहर के लोगों का मानना है कि ट्रैफिक नियमों के सख्त पालन के साथ-साथ सड़क, लेफ्ट टर्न, पार्किंग और जलनिकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं में सुधार भी उतना ही जरूरी है।