एलपीजी आपूर्ति संकट के बीच कंपनियों ने शुरू किया 10 किलो प्रीमियम सिलेंडर; 15 अगस्त तक ई-केवाईसी अनिवार्य
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले पांच महीनों से नए घरेलू एलपीजी कनेक्शन जारी नहीं होने के कारण गैस एजेंसियों पर दो लाख से अधिक आवेदन लंबित हो गए हैं। घरेलू कनेक्शन व्यवस्था सामान्य होने तक सरकारी तेल कंपनियां अब 10 किलो के प्रीमियम कंपोजिट सिलेंडर को विकल्प के रूप में बाजार में उतार रही हैं। इंडेन के बाद भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) भी 14 अगस्त से रायपुर में इस सिलेंडर की शुरुआत करेगी।
सूत्रों के अनुसार नए उपभोक्ताओं को फिलहाल यही प्रीमियम सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके नए कनेक्शन की कुल लागत लगभग 5,000 रुपये होगी, जिसमें सिक्योरिटी डिपॉजिट, जीएसटी, रेगुलेटर, पाइप और अन्य प्रशासनिक शुल्क शामिल हैं। एलपीजी आपूर्ति पर वैश्विक असर पड़ने के बाद घरेलू सिलेंडरों की रिफिलिंग अवधि बढ़ा दी गई थी, जिससे नए कनेक्शनों पर रोक जैसी स्थिति बन गई।
हल्का, पारदर्शी और तेज डिलीवरी वाला सिलेंडर
नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ता गैस एजेंसी के अलावा कंपनी के मोबाइल एप के माध्यम से भी कनेक्शन ले सकेंगे। फाइबर बॉडी वाले इस सिलेंडर का वजन पारंपरिक लोहे के सिलेंडर की तुलना में लगभग आधा है। इसकी पारदर्शी बनावट के कारण गैस का स्तर बाहर से देखा जा सकता है। कंपनी ने बुकिंग के चार घंटे के भीतर डिलीवरी का भी दावा किया है।
घरेलू सिलेंडर से कहीं महंगी पड़ेगी गैस
14.5 किलो के घरेलू सिलेंडर का नया कनेक्शन लगभग 4,000 रुपये में मिलता है और इसकी रिफिल करीब 1,024 रुपये है। इसके मुकाबले 10 किलो प्रीमियम सिलेंडर की गैस प्रति किलो लगभग 166 रुपये तक पड़ रही है, जबकि घरेलू सिलेंडर की गैस करीब 71 रुपये प्रति किलो है। प्रीमियम सिलेंडर पर किसी प्रकार की सब्सिडी नहीं मिलेगी।
15 अगस्त तक ई-केवाईसी नहीं तो कनेक्शन हो सकता है ब्लॉक
प्रदेश में लगभग 63.3 लाख एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए 15 अगस्त तक ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है। निर्धारित समय सीमा तक प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर कनेक्शन ब्लॉक किया जा सकता है। गैस एजेंसियों के अनुसार हजारों कनेक्शन ऐसे लोगों के नाम पर हैं जिनका निधन हो चुका है और उनका नामांतरण नहीं कराया गया है। ऐसे मामलों में मृत्यु प्रमाणपत्र के साथ संबंधित एजेंसी में आवेदन देना होगा।
घर बैठे भी पूरी होगी ई-केवाईसी
रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर लंबित ई-केवाईसी की सूचना भेजी जा रही है। उपभोक्ता आधार कार्ड और गैस कार्ड के साथ एजेंसी पहुंचकर बायोमेट्रिक सत्यापन करा सकते हैं। इसके अलावा तेल कंपनियों के आधिकारिक मोबाइल एप और ‘हेलो बीपीसीएल’ एप के जरिए भी घर बैठे ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध है।