बलौदाबाजार और बलरामपुर को छोड़कर सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों से मांगा जवाब, तीन दिन में जानकारी नहीं देने पर होगी कार्रवाई
प्रदेश के सरकारी स्कूलों की भवन संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने में देरी जिला शिक्षा अधिकारियों को भारी पड़ सकती है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने निर्धारित समय में रिपोर्ट नहीं भेजने पर बलौदाबाजार और बलरामपुर को छोड़कर शेष जिलों के DEO को नोटिस जारी किया है। अधिकारियों को तीन दिन के भीतर जवाब और मांगी गई जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा नहीं करने या जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर अक्टूबर का वेतन रोकने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
रायपुर। प्रदेश के सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी भेजने में लापरवाही बरतने वाले जिला शिक्षा अधिकारियों पर अब कार्रवाई की तैयारी है। लोक शिक्षण संचालनालय ने स्कूल भवनों की स्थिति की रिपोर्ट निर्धारित समय में नहीं भेजने पर जिला शिक्षा अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। बलौदाबाजार और बलरामपुर को छोड़कर अन्य सभी जिलों के अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
संचालनालय ने इसे शासकीय कार्यों के प्रति गंभीरता नहीं दिखाने का मामला मानते हुए तीन दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने अथवा संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं देने पर संबंधित अधिकारियों का अक्टूबर माह का वेतन रोकने की कार्रवाई की जा सकती है।
7 सितंबर को मांगी गई थी रिपोर्ट
लोक शिक्षण संचालनालय ने 7 सितंबर को सभी जिलों को पत्र जारी कर स्कूल भवनों की स्थिति की जानकारी मांगी थी। इसमें ऐसे विद्यालयों का विवरण देने कहा गया था, जिनके पास स्वयं का भवन नहीं है या जिनके भवन की मरम्मत की आवश्यकता है। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारियों को एक सप्ताह का समय दिया गया था।
निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी बलौदाबाजार और बलरामपुर को छोड़कर किसी अन्य जिले से अपेक्षित जानकारी नहीं पहुंची। इसे गंभीरता से लेते हुए संचालनालय ने 29 सितंबर को नोटिस जारी कर अधिकारियों से जवाब तलब किया है।
तीन दिन में देनी होगी जानकारी
जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि स्कूल भवनों की वास्तविक स्थिति से संबंधित जानकारी विभागीय योजना और आवश्यक कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में समय पर रिपोर्ट नहीं भेजना शासकीय कार्यों में लापरवाही की श्रेणी में माना गया है।
सभी संबंधित DEO को तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण के साथ स्कूलों की मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। समय सीमा में जवाब नहीं देने या जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत अक्टूबर का वेतन रोकने का प्रस्ताव भी रखा गया है।