पुलिस, वनरक्षक और जेल प्रहरी की भर्ती में मिलेगा लाभ; विश्वविद्यालय का अध्यापन अनुभव मेरिट में जुड़ेगा, ‘हनुमान अंश’ के टैक्स फ्री आदेश का अनुमोदन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में पूर्व अग्निवीरों, अतिथि व्याख्याताओं और फिल्म ‘हनुमान अंश’ से जुड़े तीन अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने पूर्व अग्निवीर सैनिकों के लिए भर्ती नियम-2026 को स्वीकृति दी, अतिथि व्याख्याता नीति-2026 में किए गए बदलावों का कार्योत्तर अनुमोदन किया और फिल्म को टैक्स फ्री करने के संबंध में जारी आदेश का अनुसमर्थन किया।
पुलिस-वन-जेल की भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण
पूर्व अग्निवीरों को राज्य की सिविल सेवाओं के तृतीय श्रेणी पदों पर 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है। अब इसे प्रभावी रूप से लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम-2026 को मंजूरी दी गई है।
इसके तहत पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक और जेल विभाग में जेल प्रहरी के पदों पर पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ मिलेगा। नए नियमों में भर्ती के मापदंड, चयन प्रक्रिया, आरक्षण तथा नियुक्ति एवं सेवा शर्तों को निर्धारित किया गया है।
अतिथि व्याख्याताओं के अनुभव को मिलेगा लाभ
सरकारी महाविद्यालयों में लागू अतिथि व्याख्याता नीति में भी बदलाव किया गया है। संशोधित नीति के अनुसार मेरिट सूची में एक ही श्रेणी के दो अभ्यर्थियों के अंक समान होने पर छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थी को वरीयता दी जाएगी।
राजकीय विश्वविद्यालय में एक शैक्षणिक सत्र के दौरान कम से कम पांच महीने अध्यापन करने पर अनुभव के लिए पांच अंक दिए जाएंगे। अनुभव के लिए अधिकतम 30 अंक की सीमा बरकरार रहेगी। इससे सरकारी कॉलेजों के साथ राजकीय विश्वविद्यालयों में पढ़ाने वाले अभ्यर्थियों को भी अनुभव का लाभ मिल सकेगा।
विस्थापित व्याख्याताओं को रिक्त पदों पर अवसर
कैबिनेट ने राजकीय विश्वविद्यालयों के विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं को भी उनके पूर्व कार्यानुभव के आधार पर रिक्त पदों पर पुनर्नियोजन का अवसर देने का निर्णय लिया है। मानदेय व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। अब कालखंड के आधार पर भुगतान की जगह कार्य किए गए दिनों के आधार पर मानदेय देने की व्यवस्था होगी। अतिथि शैक्षणिक अमले के कार्य-दायित्व, कार्य-अवधि और आकस्मिक अवकाश से जुड़े प्रावधान भी स्पष्ट किए गए हैं।
‘हनुमान अंश’ के टैक्स फ्री आदेश को मंजूरी

कैबिनेट ने फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री किए जाने के संबंध में वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा जारी आदेश का भी अनुसमर्थन किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 10 सितंबर को फिल्म को टैक्स फ्री करने की घोषणा की थी। इसके तहत फिल्म के प्रदर्शन पर दर्शकों से लिए जाने वाले प्रवेश शुल्क पर देय SGST के समतुल्य राशि की प्रतिपूर्ति सिनेमाघरों को किए जाने का प्रावधान है।