देवघाट में सैकड़ों कब्रें तैयार; सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश जारी, नेपाल-तिब्बत में 919 मौतें और 4200 से अधिक लापता
काठमांडू (ए)। नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद हालात लगातार भयावह बने हुए हैं। बड़ी संख्या में मिले अज्ञात शवों की पहचान नहीं हो पाने के कारण प्रशासन ने उन्हें सामूहिक रूप से दफनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। चितवन के देवघाट जंगल में सैकड़ों कब्रें तैयार की गई हैं। पिछले दो दिनों में 196 शवों को दफनाया जा चुका है। लंबे समय तक पानी में रहने के कारण शवों के खराब होने से उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है।
प्रशासन ने प्रत्येक शव को अलग पहचान नंबर देकर उसका रिकॉर्ड तैयार किया है। अब इन शवों की पहचान के लिए डीएनए जांच का सहारा लिया जाएगा। जांच के बाद शवों को उनके परिजनों तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।

सुरंगों के मुहाने से हटाया जा रहा मलबा
बाढ़ की चपेट में आए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान जारी है। त्रिशूली-3ए समेत कई परियोजनाओं की सुरंगों के प्रवेश मार्ग मलबे और कीचड़ से बंद हैं। भारी मशीनों की मदद से रास्ता साफ कर सुरंगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
रेस्क्यू अभियान में नेपाल के सुरक्षा बलों के साथ भारत और चीन के विशेषज्ञ भी जुटे हैं। बचाव दल सुरंगों के भीतर फंसे लोगों से संपर्क स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। मलबे की भारी मात्रा के कारण अभियान में लगातार मुश्किलें आ रही हैं।
नेपाल के राहत कोष में एक करोड़ देंगे सद्गुरु
बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों की मदद के लिए सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने नेपाल के प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में एक करोड़ रुपए देने की घोषणा की है। उन्होंने रविवार को काठमांडू में आयोजित ‘इन सॉलिडैरिटी विद नेपाल’ कार्यक्रम में यह ऐलान किया।
सद्गुरु ने कहा कि इतनी बड़ी प्राकृतिक आपदा से निपटना केवल नेपाल की जिम्मेदारी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने हिमालयी क्षेत्र में भविष्य की आपदाओं से निपटने के लिए भारत, चीन, पाकिस्तान, नेपाल और भूटान को शामिल कर एक साझा हिमालयी बोर्ड बनाने का सुझाव भी दिया।
919 लोगों की मौत, 4200 से ज्यादा अब भी लापता
बाढ़ और भूस्खलन से नेपाल और तिब्बत में अब तक 919 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। इनमें नेपाल में 903 और तिब्बत में 16 लोगों की मौत हुई है। वहीं, 4200 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं।