भिलाई . भिलाई नगर निगम के वार्ड 24 में पार्षद पद के लिए उपचुनाव चल रहा है। इस बीच वहां के लोगों ने मंदिर में 8.54 लाख रुपये से भवन संधारण के फर्जी बोर्ड का मुद्दा उठा दिया है। लोगों का आरोप है कि जिस मंदिर को उन्होंने पाई पाई जोड़कर बनवाया है, उसमें ये बोर्ड लगा दिया और पूरा पैसा निगम और कांग्रेस के नेता हजम कर गए हैं।
मामले की सच्चाई जानने के लिए मीडिया की टीम वैशाली नगर जोन 2 अंतर्गत आने वाले वार्ड 24 फौजी नगर पहुंची। यहां श्री महाकालेश्वर मंदिर की दीवार पर एक सूचना बोर्ड लगा है। उस बोर्ड में लिखा गया है “नगर पालिक निगम भिलाई जोन 2 वैशाली नगर क्षेत्र अंतर्गत महापौर निधि अंतर्गत वार्ड क्रमांक 27 फौजी नगर मैदान में एक सामुदायिक भवन का संधारण कार्य करने और उसमें मूलभूत सुविधा देने के लिए 8.54 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई। इस निर्माण कार्य का भूमिपूजन 5 अगस्त 2021 में किया गया।” इस भूमिपूजन कार्यकर्म में तत्कालीन महापौर देवेंद्र यादव, एमआईसी सदस्य नीरज पाल और वार्ड 27 की पार्षद गायत्री यादव उपस्थित हुए थे। लोगों का आरोप है कि 8.54 लाख रुपये गरीबों को मद खाया गया है। इसका लाभ लोगों को नहीं मिला है। वो इसकी शिकायत जिम्मेदार अधिकारियों से करेंगे।
निगम की ओर से जिस मंदिर की दीवार पर सूचना बोर्ड लगाकर उसे महापौर निधि से बनवाने का दावा किया जा रहा है, वो फौजी नगर के 400 लोगों ने अपनी क्षमतानुसार चंदा देकर बनवाया है। यहां के लोगों ने कहा कि उन्होंने थोड़ा थोड़ा करके 10 लाख रुपये इकट्ठा किया था। उसके बाद मंदिर को बनवाया, लेकिन जब उस मंदिर में निगम के अधिकारियों ने महापौर निधि से बनने का बोर्ड लगाकर उनकी आस्था से खिलवाड़ किया है।
मंदिर में लगा ये बोर्ड भ्रष्टाचार का बोर्ड है या सच में उस राशि से भवन निर्माण हुआ है, इसका जवाब जोन 2 कमिश्नर येशा लहरे नहीं दे पा रही है। ना ही इसका जवाब आरटीआई में दिया गया है। अब भाजपा के लोग इसे कांग्रेस के खिलाफ चुनावी मुद्दा बना रहे हैं। भाजपा नेता राजेंद्र अरोरा का कहना है कि ये बोर्ड साफ बता रहा है कि इस राशि को बिना निर्माण के निकाल लिया गया है। उन्होंने कहा कि विधायक देवेंद्र यादव के बड़े भाई धर्मेंद्र यादव को इसके बारे में जनता को जवाब देना चाहिए।