12 अगस्त को पुनर्नियुक्ति से किया था इनकार; बोर्ड के आग्रह पर बदला फैसला, टाटा संस की लिस्टिंग की दिशा में भी बढ़े कदम
नई दिल्ली। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को कंपनी के बोर्ड ने एक और पांच साल का कार्यकाल देने का फैसला किया है। गुरुवार को हुई बोर्ड बैठक में चंद्रशेखरन ने बोर्ड के अनुरोध पर दोबारा पद संभालने पर सहमति जताई। इसके बाद बहुमत से उन्हें वर्तमान कार्यकाल पूरा होने के बाद अगले पांच साल के लिए कार्यकारी चेयरमैन नियुक्त करने का निर्णय लिया गया। उनका मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त होना है।
अगस्त में खुद हटने की जताई थी इच्छा
चंद्रशेखरन ने 12 अगस्त 2026 को कहा था कि वे मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद दोबारा पद के लिए अपना नाम आगे नहीं बढ़ाएंगे। इससे टाटा संस में उत्तराधिकारी की तलाश की प्रक्रिया शुरू होने की स्थिति बन गई थी। कंपनी के बोर्ड ने बाद में इस फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया।
3 सितंबर को टाटा संस की नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी ने मामले पर विचार किया और चंद्रशेखरन से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध करने का फैसला लिया। इसके बाद गुरुवार की बोर्ड बैठक में उन्होंने इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया।
नोएल टाटा ने फैसले का विरोध किया
बोर्ड के फैसले पर टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा की असहमति सामने आई है। टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस में करीब 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है। नोएल टाटा ने बोर्ड बैठक में कहा कि चंद्रशेखरन के 12 अगस्त के फैसले को ट्रस्ट स्वीकार कर चुका था और उत्तराधिकारी चयन की प्रक्रिया आगे बढ़नी चाहिए।
टाटा संस की लिस्टिंग पर भी बड़ा फैसला
बोर्ड बैठक में टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बोर्ड ने RBI के लागू दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए जरूरी कदम शुरू करने का फैसला किया है। इसके लिए RBI, टाटा ट्रस्ट्स और अन्य संबंधित पक्षों से मार्गदर्शन लेने की बात कही गई है।
2017 से संभाल रहे हैं चेयरमैन पद
एन. चंद्रशेखरन जनवरी 2017 में टाटा संस के चेयरमैन बने थे। उनका वर्तमान कार्यकाल फरवरी 2027 में पूरा होना था। नए पांच साल के कार्यकाल के बाद वे 2032 तक इस पद पर रहेंगे। उनका कार्यकाल बढ़ना टाटा समूह के नेतृत्व में निरंतरता से जुड़ा महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।