स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मिले नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी; 14 साल से मांग लंबित होने का दावा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नर्सिंग संवर्ग की ग्रेड-पे और वेतनमान की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाकात कर लंबित मांग पर जल्द निर्णय लेने की मांग की है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यदि शासन स्तर पर शीघ्र फैसला नहीं हुआ तो प्रदेशभर के नर्सिंग कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर सकते हैं।
एसोसिएशन ने स्वास्थ्य मंत्री को सौंपे पत्र में कहा है कि नर्सिंग संवर्ग लंबे समय से ग्रेड-पे और वेतनमान में संशोधन की मांग कर रहा है। संगठन के अनुसार यह मामला करीब 14 वर्षों से लंबित है। अब कर्मचारियों ने सरकार से इस पर जल्द कार्रवाई की मांग की है।
जनवरी में शासन को भेजा गया था बजट प्रस्ताव
एसोसिएशन के मुताबिक दिसंबर 2025 में सांकेतिक प्रदर्शन के बाद चरणबद्ध आंदोलन किया गया था। इसके बाद 30 जनवरी 2026 को नर्सिंग संवर्ग की मांगों से संबंधित बजट प्रस्ताव तैयार कर आयुक्त कार्यालय के माध्यम से शासन को भेजा गया था।
संगठन का कहना है कि आंदोलन स्थगित होने के बाद यह प्रस्ताव अभिमत के लिए दोबारा आयुक्त कार्यालय भेजा गया, लेकिन अब तक इस पर आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।
सितंबर में अस्पताल परिसरों में किया प्रदर्शन
मांगों पर निर्णय नहीं होने के विरोध में नर्सिंग कर्मचारियों ने 9 से 11 सितंबर तक अस्पताल परिसरों में दो-दो घंटे का सांकेतिक प्रदर्शन किया। इसके बाद हुई बैठक में संगठन ने अनिश्चितकालीन आंदोलन की तैयारी करने का निर्णय लिया।
10 मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पताल होंगे प्रभावित
एसोसिएशन की प्रमुख मांग ग्रेड-पे वेतनमान से संबंधित प्रस्ताव को जल्द मंजूरी देने की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो प्रदेश के 10 चिकित्सा महाविद्यालयों से संबद्ध अस्पतालों में कार्यरत नर्सिंग संवर्ग अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेगा।
एसोसिएशन ने पत्र में कहा है कि हड़ताल की स्थिति में मरीजों को होने वाली परेशानियों के लिए शासन और प्रशासन जिम्मेदार होंगे।
14 साल से संघर्ष का दावा
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रीना राजपूत की ओर से स्वास्थ्य मंत्री को दिए गए पत्र में कहा गया है कि नर्सिंग संवर्ग ग्रेड-पे और वेतनमान की मांग को लेकर करीब 14 वर्षों से संघर्ष कर रहा है। संगठन ने सरकार से लंबित प्रस्ताव पर शीघ्र निर्णय लेकर कर्मचारियों की मांग पूरी करने की मांग की है।