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वीडियो साझा कर मां को बताया ममता, करुणा और संस्कार का स्वरूप; किसी राजनीतिक नेता का नहीं लिया नाम
रायपुर। इंदौर में कॉमेडी प्रस्तुति को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मां के सम्मान पर केंद्रित संदेश सोशल मीडिया पर साझा किया है। मुख्यमंत्री ने वीडियो के साथ कविता की पंक्तियां पोस्ट करते हुए मां को जीवन, ममता और संस्कारों का आधार बताया और उनके प्रति सम्मान की भावना को रेखांकित किया।
मां के सम्मान और भारतीय संस्कृति में उनके स्थान को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है। मुख्यमंत्री ने मां को समर्पित एक वीडियो साझा किया और कविता के माध्यम से उनके प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।
पोस्ट में उन्होंने लिखा—
“माँ है ममता, माँ है करुणा, माँ जीवन का आधार है,
माँ के चरणों में समर्पित पूरा ये संसार है।
माँ का करे अपमान वो कुपुत्र ही कहलायेगा,
माँ का करे तिरस्कार वो कहीं ठौर न पायेगा।”
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में किसी राजनीतिक व्यक्ति का नाम नहीं लिया। पोस्ट का केंद्र मां का सम्मान, भारतीय संस्कार और सामाजिक मर्यादा रहा।
यह पोस्ट ऐसे वक्त आई है, जब इंदौर में हुए ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की एक कॉमेडी प्रस्तुति को लेकर राजनीतिक विवाद सामने आया है। कार्यक्रम में राहुल गांधी की मौजूदगी में कॉमेडियन पुलकित मणि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैली और हाव-भाव की मिमिक्री की थी।
प्रस्तुति के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े एक प्रसंग को भी हास्य प्रस्तुति का हिस्सा बनाया गया था। इसके बाद भाजपा नेताओं की ओर से आपत्तियां दर्ज कराई गईं। उनका आरोप है कि प्रस्तुति में मां और मातृशक्ति के सम्मान का ध्यान नहीं रखा गया। वहीं, कार्यक्रम में राहुल गांधी की मौजूदगी और उनकी प्रतिक्रिया को लेकर भी राजनीतिक चर्चा हुई।
इस घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री साय की पोस्ट सामने आई। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में सीधे तौर पर विवाद का उल्लेख किए बिना मां की महिमा, त्याग और सम्मान को प्रमुखता दी।
उन्होंने स्वर्गीय कवि ओम व्यास की मां पर केंद्रित काव्य रचना का वीडियो भी साझा किया। रचना में मां के स्नेह, त्याग और वात्सल्य को संतान के जीवन से जोड़कर प्रस्तुत किया गया है।
मुख्यमंत्री के संदेश में यह भाव उभरकर सामने आया कि मां भारतीय पारिवारिक और सांस्कृतिक जीवन में सम्मान का केंद्र हैं। उन्होंने मां के प्रति संवेदना, आदर और मर्यादा को सामाजिक संस्कार का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।