पत्नी और पुजारियों से विवाद के बाद अरविंद सिंह ने लाइसेंसी हथियार से की फायरिंग, तीन बच्चों को कमरे में किया बंद; करीब 7 घंटे तक पुलिस ने की समझाइश, फिर जवाबी कार्रवाई में आरोपी ढेर।
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में मंगलवार शाम एक घरेलू विवाद ने बेहद गंभीर रूप ले लिया। पुलिस के मुताबिक, अहिरौला थाना क्षेत्र में अरविंद सिंह ने पत्नी और पूजा कराने आए पुजारियों से विवाद के बाद फायरिंग कर दी। इसके बाद आरोपी ने अपने तीन बच्चों को कमरे में बंधक बना लिया। करीब सात घंटे तक पुलिस उसे समझाती रही, लेकिन स्थिति बिगड़ने पर हुई जवाबी कार्रवाई में आरोपी की मौत हो गई।

आजमगढ़ के अहिरौला थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक व्यक्ति ने विवाद के बाद घर में फायरिंग शुरू कर दी। घटना की सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को घेर लिया।
पुलिस के अनुसार, अरविंद सिंह के घर में पिछले चार दिनों से पूजा चल रही थी। मंगलवार को पूजा की पूर्णाहुति थी। इसी दौरान शाम करीब 6 बजे अरविंद बाजार से घर लौटा और पत्नी बबीता सिंह से विवाद करने लगा। घर में मौजूद लोगों ने उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन मामला शांत होने के बजाय और बिगड़ गया।

बताया गया कि विवाद के दौरान अरविंद ने पूजा करा रहे पुजारियों से भी बहस की। इसके बाद वह कमरे में गया और लाइसेंसी हथियार लेकर बाहर आया। आरोप है कि उसने पत्नी और पूजा कराने वाले पुजारियों पर फायरिंग कर दी।
फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इसी बीच अरविंद ने अपने तीन बच्चों को कमरे के अंदर बंद कर लिया और पुलिस के पहुंचने पर उन्हें नुकसान पहुंचाने की धमकी देने लगा।
सूचना मिलते ही पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थिति को देखते हुए SOG और ATS कमांडो को भी बुलाया गया। पुलिस ने पूरे मकान को घेर लिया और आरोपी को बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए समझाने का प्रयास किया।
करीब सात घंटे तक आरोपी बच्चों के साथ कमरे में बंद रहा। पुलिस के मुताबिक, रात करीब 1 बजे उसने अपने 9 साल के बेटे शौर्य को गोली मार दी। इसके बाद पुलिस टीम ने घर में प्रवेश किया और बच्चों को बाहर निकाला।
पुलिस का दावा है कि आरोपी ने टीम पर भी फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई। गोली लगने से अरविंद सिंह घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
पुरानी रंजिश भी सामने आई
मामले की पड़ताल में अरविंद के बड़े भाई सुनील सिंह की करीब आठ साल पहले हुई हत्या का जिक्र भी सामने आया है। परिजनों के अनुसार, सुनील महाराष्ट्र में रहते थे और बालासाहेब ठाकरे के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) रह चुके थे। बताया गया कि सुनील की हत्या के मामले में अरविंद के चचेरे भाइयों पर आरोप लगा था।
परिजनों के मुताबिक, इसी पुरानी घटना को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद और तनाव बना हुआ था। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।